बुधवार, 18 जुलाई, 2007 को 13:05 GMT तक के समाचार
राष्ट्रपति पद के लिए गुरुवार को होने वाले मतदान में प्रतिभा पाटिल की जीत पक्की मानी जा रही है लेकिन इन चुनावों को आने वाले समय में सबसे कटु राष्ट्रपति चुनावों के रुप में ज़रुर याद किया जाएगा.
वामपंथी और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ( यूपीए) समर्थित उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल के समर्थन में चुनावी आकड़ा भले ही हो पर जिस तरह से प्रतिभा पाटिल के ख़िलाफ़ अखबारों में आरोपों की बौछार हुई हो उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता.
सत्तारुढ़ गठबंधन का कहना है कि उनकी उम्मीदवार तीन लाख वोटों से जीत दर्ज़ करेंगी जबकि बीजेपी का कहना है कि अगर सांसदों ने अंतरात्मा की आवाज़ सुनकर मतदान किया तो शेखावत आश्चर्यजनक परिणाम दे सकते हैं.
बहुजन समाज पार्टी और कुछ अन्य दलों ने भी प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया है जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार भैरों सिंह शेखावत के समर्थन में पूरा विपक्ष एकजुट नहीं हो सका है.
समाजवादी पार्टी और कुछ अन्य क्षेत्रीय दलों ने मतदान में अनुपस्थित रहने की भी घोषणा कर दी है.
इस बीच गुजरात से बीजेपी के कुछ सांसदों ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनावों में वो अंतरात्मा की आवाज़ पर वोट डालेंगे.
बीजेपी के लिए इन चुनावों में उस समय भी झटका लगा था जब उनकी प्रमुख सहयोगी दल शिव सेना ने मराठी होने के कारण प्रतिभा पाटिल को समर्थन देने की बात कही थी.