बुधवार, 18 जुलाई, 2007 को 07:58 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया में डॉक्टर मोहम्मद हनीफ़ की हिरासत पर उठते सवालों के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया सरकार को हनीफ के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए और सुविधाएँ उपलब्ध करानी चाहिए.
उधर हनीफ़ ने अपना वीज़ा निरस्त करने के ऑस्ट्रेलिया सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील भी की है.
हनीफ़ के वकील पीटर रुसो ने इस संबंध में और जानकारी देने से इनकार किया है और कहा है कि मामले पर सुनवाई में एक महीने से अधिक का समय लग सकता है.
हनीफ़ पर ब्रिटेन में असफल चरमपंथी धमाकों के संदिग्ध अभियुक्तों के साथ संबंध रखने का आरोप है.
दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन समारोह के बाद प्रधानमंत्री ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया को क़ानून के तहत हनीफ़ के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए और उन्हें वो सुविधाएं देनी चाहिए जिसके वो हकदार हैं."
ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने हनीफ़ पर 'ग़ैर-इरादतन' आतंकवादी संगठन की मदद करने का आरोप लगाया है.
पेशे से डॉक्टर हनीफ़ पर आरोप है कि उन्होंने अपने संबंधी सबील अहमद को अपना मोबाइल सिम कार्ड दिया.
सबील कथित रुप से ब्रिटेन के ग्लासगो एयरपोर्ट पर हुए हमले में शामिल बताया जाता है.
हालांकि हनीफ़ को इस मामले में ज़मानत मिल गई थी लेकिन इसके तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया के आव्रजन मंत्री केविन एंड्र्यूस ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए हनीफ़ का वीज़ा निरस्त कर दिया और उन्हें आव्रजन क़ानून के तहत हिरासत में ले लिया गया.