बुधवार, 18 जुलाई, 2007 को 12:31 GMT तक के समाचार
सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका को ठुकरा दिया है जिसमें जेलों में बंद सांसद और विधायकों को राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने से रोकने का अनुरोध किया गया था.
अब जेलों में बंद सांसदों और विधायकों की चुनाव को लेकर सभी बाधाएँ दूर हो गईं हैं.
अदालत का कहना था कि ये लोग जनता के प्रतिनिधि हैं और इन्हें मतदान करने से रोका नहीं जा सकता.
ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले जेल में बंद सांसदों और विधायकों को राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी.
याचिकाकर्ता का कहना था कि जेल में बंद सांसद और विधायक अगर पैरोल पर छूट जाते हैं, तब भी उन्हें राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
याचिका में ऐसे लोगों को जेल से वोट डालने की अनुमति न देने का चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई थी.
दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को पटना में मतदान की अनुमति दे दी है.
इसके पहले आरजेडी सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव को दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने की अनुमति दे दी थी.
पप्पू यादन पिछले ढ़ाई साल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं.
अदालत ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को निर्देश दिया है कि पप्पू यादव को चुनाव के दिन सुबह 10 से शाम 5 बजे के बीच दो घंटे के लिए संसद भवन ले जाया जाए.
मानव तस्करी मामले में संदेह के घेरे में आए भाजपा सांसद बाबूभाई कटारा को भी मतदान की अनुमति मिल गई है.
ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति पद के लिए गुरुवार को मतदान होना है.