बुधवार, 18 जुलाई, 2007 को 06:15 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में आत्मघाती बम धमाके के विरोध में वकीलों ने बुधवार को हड़ताल आयोजित की है.
ग़ौरतलब है कि इस आत्मघाती हमले में 15 लोग मारे गए थे और अनेक घायल हो गए थे.
वकीलों का कहना है कि इस धमाके का मकसद राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ वकीलों के आंदोलन में बाधा पहुँचाना था.
दूसरी ओर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने इस 'आतंकवादी हमले' की कड़ी आलोचना की है और शांति कायम रखने की अपील की है.
दूसरी ओर निलंबित मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी घटनास्थल पर गए और उन्होंने एक प्रार्थनासभा का नेतृत्व किया. वहाँ मौजूद वकीलों ने सरकार विरोधी नारे लगाए.
इफ़्तिख़ार चौधरी को यहाँ एक रैली को संबोधित करना था और उनके समर्थकों का कहना है कि उन्हें निशाना बनाकर धमाका किया गया.
रैली के आयोजकों का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए रैली को रद्द कर दिया गया.
हमले का निशाना
दरअसल, इस्लामाबाद में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के पास वकीलों के एक सम्मेलन को इफ़्तेख़ार चौधरी संबोधित करने वाले थे जिसके लिए एक बड़ा पंडाल लगाया गया था.
जिस समय धमाका हुआ उस वक़्त पूर्व मुख्य न्यायाधीश का काफ़िला वहाँ आने के लिए शहर के दूसरे हिस्से से चला था.
इफ़्तिख़ार चौधरी पाकिस्तान में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के विरोध का प्रतीक बनते जा रहे हैं और उनकी लोकप्रियता भी बढ़ रही है.
आगामी कुछ दिनों में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट जस्टिस चौधरी के निलंबन पर फ़ैसला सुनाने वाला है.
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावरों ने उस जगह को निशाना बनाया जहाँ बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के समर्थक रैली के लिए इकट्ठा हुए थे.
हाल ही में लंदन में हुई बातचीत में पीपीपी ने मुशर्रफ़ का विरोध कर रहे इस्लामी दलों से अपने आप को अलग कर लिया था.
साथ ही पीपीपी ने पिछले हफ़्ते लाल मस्जिद में सैन्य कार्रवाई का भी समर्थन किया था.