मंगलवार, 17 जुलाई, 2007 को 16:12 GMT तक के समाचार
भारत में एचआईवी संक्रमण के बारे में केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रेणुका चौधरी का कहना है कि भारतीय पुरुष भरोसे के क़ाबिल नहीं हैं.
उनका कहना है कि भारतीय पुरुषों के 'स्वच्छंद यौनाचार' की वजह से देश में एचआईवी संक्रमण फैल रहा है.
उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाओं को चाहिए कि वे घर पर कंडोम रखें ताकि वे संक्रमित होने से बच सकें.
सरकारी आँकड़ों के मुताबिक़ भारत की एचआईवी संक्रमित आबादी में महिलाओं की संख्या 40 प्रतिशत है.
रेणुका चौधरी ने कहा, "आप पुरुषों या अपने पतियों का भरोसा नहीं कर सकतीं क्योंकि वे दूसरी औरतों से वायरस घर ले आते हैं."
अधिकारियों का कहना है कि भारत में ऐसी महिलाओं की तादाद काफ़ी अधिक है जिन्हें एचआईवी संक्रमण उनके पतियों से मिला है.
एचआईवी संक्रमण के ख़िलाफ़ अभियान से जुड़े कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि भारत में अधिकतर महिलाएँ अपने पति पर कंडोम के इस्तेमाल के लिए दबाव नहीं डाल पातीं.
रेणुका चौधरी ने कहा कि इस मामले में समाज का नज़रिया बदलने की ज़रूरत है, उन्होंने उन राज्य सरकारों की भी आलोचना की जो यौन शिक्षा को लागू करने में कतरा रहे हैं.
महिला कल्याण मंत्री ने कहा, "हम कंडोम के बारे में बात करने में शर्म महसूस करते हैं, हमारे मानदंड बहुत दोहरे हैं, हमारी आबादी एक अरब से ऊपर हो गई है और हम सेक्स के बारे में बात तक करने को तैयार नहीं हैं."
भारत में एक वर्ष में 2.1 अरब कंडोम का इस्तेमाल होता है जिसे 2012 तक बढ़ाकर 3.5 अरब करने का लक्ष्य है.