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सोमवार, 16 जुलाई, 2007 को 00:00 GMT तक के समाचार

'चरमपंथ के ख़िलाफ़ पाक को पूरा समर्थन'

अमरीका ने कहा है कि पाकिस्तान में इस्लामिक चरमपंथ के ख़िलाफ़ सरकार के उत्तर-पश्चिमी इलाके में जारी ताज़ा अभियान का वे समर्थन करते हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति के सुरक्षा सलाहकार की ओर से ऐसी टिप्पणी उस वक्त आई है जब पाकिस्तान में चरमपंथी सेना को अपना निशाना बना रहे हैं.

पिछले 48 घंटों के दौरान वहां सेना पर हुए चरमपंथी हमलों में कम से कम 60 लोगों की मौत हो चुकी है और कई गंभीर रूप से घायल भी है.

केवल रविवार को ही पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी इलाके में हुए आत्मघाती हमलों में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई थी.

राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्टीफन हैडली ने कहा कि वे पाकिस्तानी राष्ट्रपति के उस फैसले से सहमत हैं जिसमें कहा गया है कि चरमपंथ प्रभावित क्षेत्र में सेना की तैनाती बढ़ाने की ज़रूरत है.

उधर क़बायली इलाक़े उत्तरी वज़ीरिस्तान के तालेबान समर्थक विद्रोहियों ने पिछले वर्ष हुकूमत के साथ किया गए शांति समझौते को समाप्त करने की घोषणा कर दी है.

हमले

पिछले दो दिनों के दौरान चरमपंथियों ने ये हमले पाकिस्तान के सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए किए थे.

पहले हमले में दो आत्मघाती चरमपंथियों ने विस्फोटकों से भरी कार से सेना के एक काफिले को निशाना बनाया.

सूबा सरहद में रविवार को हुए इस कार बम हमले में कई सैनिक मारे गए. पुलिस के मुताबिक ये हमला सूबा सरहद के स्वात नामक इलाक़े में हुआ.

वहीँ दूसरे हमले में एक आत्मघाती हमलावर ने अफ़ग़ानिस्तान से सटे सीमा क्षेत्र के एक पुलिस मुख्यालय पर हमला किया.

हमलावर ने पुलिस मुख्यालय में ख़ुद को विस्फोटकों से उड़ा दिया.

ये हमले लाल मस्जिद में एक हफ़्ते तक चली कार्रवाई के बाद किए गए हैं जिसमें 102 लोग मारे गए थे. इनमें से 11 सैनिक थे.

लाल मस्जिद

सरकार ने इस हमले की जबावी कार्रवाई की आशंका से सूबा सरहद में हज़ारों की संख्या में सैनिक भेजे हैं.

माना जाता है कि लाल मस्जिद के कई चरमपंथी सूबा सरहद से आए थे.

इसके पहले शनिवार को उत्तरी वज़ीरिस्तान इलाक़े में एक आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 24 सैनिक मारे गए थे और तीस लोग घायल हुए थे. इस हमले में सैनिकों के गश्ती दल को निशाना बनाया गया था.

सेना के एक प्रवक्ता का कहना था कि शनिवार को हुए हमले का संबंध इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में की गई कार्रवाई से हो सकता है.

लाल मस्जिद अभियान के ख़िलाफ़ पाकिस्तान में कई जगह प्रदर्शन हुए हैं.

इस्लामाबाद में कट्टरपंथी पार्टियों के गुट मुत्तहिदा मजलिस-ए-अमल ने रैली आयोजित की थी जिसमें सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया.

उत्तरी वज़ीरिस्तान अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगा हुआ है. यहाँ अक़्सर पाकिस्तानी सैनिकों, क़बायली गुटों और विदेशी चरमपंथियों के बीच संघर्ष होते रहते हैं.