रविवार, 15 जुलाई, 2007 को 12:37 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े उत्तरी वज़ीरिस्तान के तालेबान समर्थक विद्रोहियों ने पिछले वर्ष हुकूमत के साथ किया गए शांति समझौते को समाप्त करने की घोषणा कर दी है.
तालेबान समर्थक छापामार गुट के प्रवक्ता अब्दुल्ला फ़रहाद ने बीबीसी को बताया कि उत्तरी वज़ीरिस्तान में तालेबान विद्रोहियों ने सुरक्षा बलों के ख़िलाफ़ छापामार लड़ाई शुरू करने का फ़ैसला किया है.
प्रवक्ता ने कहा कि स्थानीय कमांडर हाफ़िज़ गुल बहादुर ने विद्रोहियों को हमले शुरू करने का आदेश दिया है.
इस बयान पर पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
अब्दुल्ला फ़रहाद ने कहा कि शांति समझौते को तोड़ने की तीन वजहें हैं, पहला तो सरकार ने सैनिक कार्रवाई में प्रभावित हुए लोगों को मुआवज़ा देने का वादा पूरा नहीं किया है, दूसरा उत्तरी वज़ीरिस्तान की सैनिक चौकियों को हटाने के वादे पर भी अमल नहीं किया गया है.
तीसरा कारण बताते हुए अब्दुल्ला फ़रहाद ने कहा कि रज़मक और दताख़ेल में ज़मीनी और हवाई हमले करके सेना पहले ही शांति समझौते को तोड़ चुकी है.
तालेबान ने यह घोषणा ऐसे समय की है जबकि सूबा सरहद में रविवार को हुए एक कार बम हमले में कम से कम 14 सैनिक मारे गए हैं और उसके पहले भी उत्तरी वज़ीरिस्तान में सैनिकों को गोलीबारी का सामना करना पड़ रहा है.
तालेबान के प्रवक्ता का कहना है कि स्थानीय क़बायली लोगों का बहुत अपमान किया जा रहा है, फौजी चौकियों पर कपड़े उतरवाकर उनकी तलाशी ली जा रही है.
उन्होंने कहा कि क़बायली नेताओं को भी निर्देश दिया गया है कि वे सरकार से किसी तरह का संपर्क न रखें और सरकार की तरह से आयोजित जिरगों में शामिल न हों.
समझौता
उत्तरी वज़ीरिस्तान में पाकिस्तान सरकार और क़बायली लोगों के बीच पिछले वर्ष सितंबर महीने में एक शांति समझौता हुआ था.
इस समझौते में सभी विदेशी चरमपंथियों को बाहर निकालने और तालेबान के छापामारों के अफ़ग़ानिस्तान से आने-जाने पर रोक लगाने की माँग की गई थी.
सरकार ने इसके बदले में ज़मीनी और हवाई सैनिक कार्रवाई बंद करने, क़बायली लोगों को मुआवज़ा देने का वादा किया था.