शनिवार, 14 जुलाई, 2007 को 18:56 GMT तक के समाचार
श्रीलंका की सेना का कहना है कि देश के उत्तरी हिस्से में तमिल विद्रोहियों के साथ हुए संघर्ष में दस सैनिक मारे गए हैं और 30 अन्य घायल हुए हैं.
उधर तमिल विद्रोहियों ने कहा है कि उसके कम से कम तीन लड़ाके इस संघर्ष में मारे गए हैं.
इसके अलावा सेना ने उत्तरी श्रीलंका के मन्नार में तमिल विद्रोहियों के एक ठिकाने पर हवाई हमला किया है.
इसमें हुए जानमाल के नुक़सान की कोई ख़बर नहीं है.
सेना के प्रवक्ता का कहना है कि संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब सेना ने विद्रोहियों के एक मोर्टार ठिकाने पर हमला किया.
प्रवक्ता का कहना है कि उस ठिकाने से विद्रोही लगातार सेना पर हमला कर रहे थे.
सेना का दावा
इस हमले से दो दिन पहले ही श्रीलंका की सेना ने दावा किया था कि देश के पूर्वी हिस्से पर सेना का कब्जा हो गया है.
और इसके जवाब में तमिल विद्रोहियों ने धमकी दी थी कि यदि सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो वे सरकार को कमज़ोर करने के लिए आर्थिक ठिकानों पर हमला शुरु कर देंगे.
श्रीलंका सरकार ने घोषणा की थी कि वह सैन्य जीत का जश्न मनाने की तैयारी कर रही है क्योंकि सेना ने पूर्वी श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों के आख़िरी ठिकाने पर भी कब्जा कर लिया है.
अधिकारियों का कहना है कि ऐसा 13 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है तब वहाँ सेना का कब्जा हो.
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि सेना की इस सफलता से तमिल विद्रोहियों के सपनों को झटका लगा है कि वे पूर्वी और उत्तरी श्रीलंका को तमिलों के लिए अलग देश बनाएँगे.
सेना ने देश के पूर्वी हिस्से पर नियंत्रण की कार्रवाई पिछले साल शुरु की थी.
उल्लेखनीय है कि कागज़ों पर अभी भी श्रीलंकाई सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच 2002 में हुआ संघर्ष विराम जारी है लेकिन वास्तविकता यह है कि यह समझौता कब का टूट चुका है.
विद्रोहियों और सेना के बीच 2005 से फिर शुरु हुए संघर्ष में कम से कम पाँच हज़ार लोगों की जानें गई हैं.
जबकि 1970 के दशक से शुरु हुए तमिल विद्रोह के बाद से अब तक साठ हज़ार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.