शुक्रवार, 13 जुलाई, 2007 को 11:55 GMT तक के समाचार
भारत की महिला और बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी ने हर गर्भवती महिला के पंजीकरण का प्रस्ताव रखा है. प्रस्ताव में इसका भी जिक्र है कि गर्भपात के लिए महिलाओं को अनुमति लेनी होगी.
रेणुका चौधरी का कहना है कि इससे भ्रूण हत्या पर काबू पाया जा सकेगा.
उन्होंने कहा कि पंजीकरण के बाद सरकार भ्रूण हत्या पर रोक लगा सकेगी जो उत्तर भारत के कई इलाक़ों में धड़ल्ले से होती है.
उनका कहना है कि विशेष परिस्थितियों में सरकार की तरफ से गर्भपात की इजाज़त देने का प्रावधान भी होना चाहिए. वैसे उन्होंने यह नहीं बताया कि वो परिस्थितियाँ क्या होंगी.
लेकिन जानकारों का कहना है कि इस क़दम से लोगों की व्यक्तिगत आज़ादी का उल्लघंन होगा और इसका ग़लत इस्तेमाल भी हो सकता है.
पिछली राष्ट्रीय जनगणना के अनुसार देश में हज़ार लड़कों पर सिर्फ़ 927 लड़कियाँ ही थीं.
समस्या
सरकार का कहना है कि पिछले 20 सालों में गर्भपात के माध्यम से लगभग एक करोड़ बच्चियों को मार डाला गया.
जन्म पूर्व लिंग जाँच पर क़ानूनी रोक होने के बावजूद सरकार भ्रूण हत्या पर काबू पाने विफल रही है.
माँ-बाप अल्ट्रासाउंड जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग पता लगा लेते हैं और लड़की होने पर गर्भपात करवा देते हैं.
कई डॉक्टर भी पैसे के लिए इस तरह की ग़ैक़ानूनी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं. कई पिछड़े इलाक़ों से नवजात बच्ची की गला घोंटकर हत्या करने की ख़बरें भी सामने आ चुकी हैं.