http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 13 जुलाई, 2007 को 11:26 GMT तक के समाचार

लाल मस्जिद कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन

पाकिस्तान में लाल मस्जिद में हुई सैनिक कार्रवाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं. कई पार्टियों और धार्मिक नेताओं ने विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया है.

कई इलाक़ों में लोगों ने शुक्रवार की नमाज़ के बाद सरकार विरोधी नारे गए. विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक़ लाल मस्जिद में क़रीब 36 घंटे चली सैनिक कार्रवाई में 75 लोग मारे गए थे. कार्रवाई के दौरान 10 सैनिकों की भी मौत हो गई थी.

कई महीनों से लाल मस्जिद के मौलवी और छात्र अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करते हुए राजधानी इस्लामाबाद में शरिया क़ानून लागू करने के लिए अभियान चला रहे थे.

गुरुवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा था कि वे 'कट्टरपंथ और आतंकवाद' के ख़ात्मे को लेकर प्रतिबद्ध हैं.

विरोध प्रदर्शन

शुक्रवार की नमाज़ के बाद पाकिस्तान के कई इलाक़ों में लोगों ने लाल मस्जिद में हुई कार्रवाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. लोगों ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

सूबा सरहद की राजधानी पेशावर में शुक्रवार की नमाज़ के बाद लोगों ने लाल मस्जिद के उप प्रमुख अब्दुल रशीद ग़ाज़ी के समर्थन में नारे लगाए. मानशेरा में भी हज़ारों लोगों ने लाल मस्जिद में हुई कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया.

लाहौर में लोगों ने लाल मस्जिद में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी. जमात-उद-दावा के प्रमुख मोहम्मद सईद ने कहा, "ये तो नरसंहार है. कार्रवाई में सैकड़ों निर्दोष महिलाएँ और बच्चे मारे गए."

माना जाता है कि जमात-उद-दावा प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा है. मोहम्मद सईद ने कहा कि सरकार ने लाल मस्जिद कार्रवाई के दौरान मारे गए लोगों की जो संख्या बताई है, वो ग़लत है.

उन्होंने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की आलोचना की और कहा कि लाल मस्जिद की कार्रवाई 'सरकारी आतंकवाद' है.