शुक्रवार, 13 जुलाई, 2007 को 07:25 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने लंदन और ग्लासगो में विफल हमलों के सिलसिले में हिरासत में लिए गए भारतीय मूल के डॉक्टर हनीफ़ की हिरासत अवधि को बढ़ाने संबंधी अर्ज़ी वापस ले ली है.
इस क़दम के बाद ऑस्ट्रेलिया पुलिस के पास अब महज़ कुछ घंटों का ही समय बाकी है जिसमें या तो उन्हें डॉक्टर हनीफ़ के ख़िलाफ़ आरोप तय करना होगा और या फिर उन्हें रिहा करना होगा.
शुक्रवार को भारतीय डॉक्टर हनीफ़ की हिरासत अवधि पर अदालत यह फ़ैसला लेने वाली थी कि उनकी पुलिस हिरासत की समयावधि को और बढ़ाया जाए या नहीं.
ग़ौरतलब है कि भारतीय मूल के डॉक्टर हनीफ़ को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया था जब वो अब से 11 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया से भारत आने की कोशिश कर रहे थे.
हालांकि पिछले एक सप्ताह के दौरान उनसे कोई पूछताछ भी नहीं की गई है. डॉक्टर हनीफ़ को आतंकवाद निरोधक क़ानून के तहत हिरासत में लिया गया था.
जाँचकर्ताओं का मानना है कि डॉक्टर हनीफ़ का लंदन और ग्लासगो के विफल हमलों के संदर्भ में संदिग्ध लोगों से संपर्क था.
रिहाई
उधर ब्रिटेन में इन विफल हमलों के सिलसिले में हिरासत में लिए गए सात लोगों में से एक को रिहा कर दिया गया है.
रिहा की गई महिला का नाम मारवा अशा है जो कि जॉर्डन के एक डॉक्टर मोहम्मद अशा की पत्नी हैं.
इन विफल हमलों के संबंध में ब्रिटेन में गिरफ़्तार कुल सात लोगों में ये पति-पत्नी भी शामिल थे. डॉक्टर मोहम्मद अशा अभी भी हिरासत में हैं.
लंदन और ग्लासगो में विफल हमलों की साजिश रचने के आरोप में कुल आठ संदिग्ध लोगों की गिरफ़्तारी हुई थी. इनमें से सात संदिग्ध ब्रिटेन में गिरफ़्तार हुए थे जबकि एक अन्य ऑस्ट्रेलिया में.