रविवार, 08 जुलाई, 2007 को 17:48 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्री एजाज़ उल हक़ का कहना है कि '' इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में ऐसे इस्लामी चरमपंथियों का कब्ज़ा है जिनकी तलाश है.''
एजाज़ उल हक़ कहना था कि लाल मस्जिद के अंदर चरमपंथियों ने महिलाओं और बच्चों को बंधक बना रखा है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसी ख़बरें हैं कि मस्जिद के अंदर प्रतिबंधित जैशे मोहम्मद जैसे संगठनों का नियंत्रण है.
इस संगठन के सदस्य राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर हुए जानलेवा हमलों में भी शामिल रहे हैं और माना जाता है कि इसका संबंध अल क़ायदा से है.
ग़ौरतलब है कि पिछले मंगलवार से पाकिस्तानी सेना इस्लामाबाद की लाल मस्जिद का घेरा डाले हैं लेकिन अंदर छुपे छात्र हथियार नहीं डाल रहे हैं.
रविवार को मस्जिद के अंदर मार्चा संभाले छात्रों ने सेना के एक कमांडर की गोलीमार कर हत्या कर दी थी.
दूसरी ओर मस्जिद के मौलवी अब्दुल रशीद ग़ाज़ी ने कहा है कि वो और उनके समर्थक आत्मसमर्पण करने के बजाए आत्महत्या करना पसंद करेंगे.
लगभग एक सप्ताह से लाल मस्जिद और उससे संबंधित मदरसे में रहने वाले कट्टरपंथी छात्रों और सेना के बीच तनाव चल रहा है जिसके कारण 21 लोग मारे गए हैं.
मुशर्रफ़ की चेतावनी
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस्लामाबाद की लाल मस्जिद के अंदर मौजूद कट्टरपंथी इस्लामी छात्रों को चेतावनी दी थी कि यदि वे आत्मसमर्पण नहीं करेंगे तो सैन्य कार्रवाई में मारे जाएँगे.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने सरकारी टीवी पर कहा था कि यदि ये छात्र लाल मस्जिद को नहीं छोड़ते तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्जिद के मौलवी अब्दुल रशीद ग़ाजी ने कहा है कि मस्जिद के अंदर स्थित लोग सेना के आगे घुटने टेकने के बजाए मरना पसंद करेंगे.
उन्होंने कहा कि वे इस मसले का शांतिपूर्ण हल चाहते हैं और वो नहीं चाहते हैं कि इस्लामाबाद के हालात भी बग़दाद जैसे हो जाएँ.
मस्जिद की बिजली और पानी की सप्लाई काट दी गई है. बताया जा रहा है कि वहाँ खाने की भी कमी होने लगी है.