शुक्रवार, 06 जुलाई, 2007 को 08:13 GMT तक के समाचार
दिल्ली हाईकोर्ट ने चर्चित हैना फ़ॉस्टर हत्याकांड मामले में अभियुक्त मनिंदर सिंह कोहली को ब्रिटेन प्रत्यर्पित करने के निचली अदालत के सुझाव को सही ठहराया है.
मनिंदर पाल सिंह कोहली पर ब्रिटेन की हैना फ़ॉस्टर की बलात्कार के बाद हत्या का आरोप है.
मार्च, 2003 में ब्रिटेन में ही 17 वर्षीय हैना फ़ॉस्टर के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी.
शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि इस मामले में निचली अदालत का सुझाव सही है.
हालांकि हाईकोर्ट ने निचली अदालत के निर्देश में सुधार करते हुए कहा है कि प्रथम दृष्टया जो सबूत मिले हैं उसके आधार पर कोहली अभियुक्त तो बन सकते हैं पर उन्हें अभी से दोषी कहना पूरी तरह से ग़लत है.
अदालत ने कहा कि कोहली को इस मामले में शुरुआती सबूतों के आधार पर अभियुक्त ही माना जाना चाहिए.
हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद कोहली के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ़ हो गया है. हालांकि इसमें अभी कुछ दिन का समय है और इस दौरान कोहली सुप्रीम कोर्ट में याचिका दे सकते हैं.
पूर्व फ़ैसला
कोहली के प्रत्यर्पण के लिए हैना के माता-पिता ने मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की थी.
आठ जून को इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस कामिनी लॉ ने कहा था कि कोहली के प्रत्यर्पण के लिए पर्याप्त सबूत हैं.
इस निर्देश को कोहली की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी जहाँ शुक्रवार को हाईकोर्ट ने भी कोहली के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ़ कर दिया है.
पुलिस ने मनिंदर पाल सिंह कोहली को तीन साल पहले पश्चिम बंगाल की नेपाल से लगी सीमा पर कालिमपोंग के एक होटल से गिरफ़्तार किया था.
तब उन्होंने हैना से जान-पहचान तो स्वीकार कर ली थी लेकिन बलात्कार और हत्या में अपना हाथ होने से इनकार किया था.