शुक्रवार, 06 जुलाई, 2007 को 21:11 GMT तक के समाचार
उत्तर-पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान के एक गाँव के लोगों ने बीबीसी को बताया है कि दो बम हमलों में 35 आम नागरिक मारे गए हैं.
उनका कहना है कि हमले गुरुवार को विदेशी फ़ौजों ने किए थे.
नैटो के नेतृत्व में अफ़ग़ानिस्तान में काम कर रही अंतरराष्ट्रीय फ़ौज 'आईसैफ़' का कहना है कि उन्होंने इस इलाक़े में हवाई हमले किए थे लेकिन इस हमले में नागरिकों के मारे जाने की कोई सूचना उनके पास नहीं है.
उल्लेखनीय है कि पिछले एक साल में फ़ौजी कार्रवाई में आम नागरिकों के मारे जाने को लेकर लोगों में नाराज़गी है और इसे लेकर राष्ट्रपति हामिद करज़ई भी अप्रसन्नता ज़ाहिर कर चुके हैं.
एक बार फिर ऐसी कार्रवाई हुई है जिसके विवरणों को लेकर विवाद है और आरोप लगाए जा रहे हैं कि विदेशी फ़ौजों की कार्रवाई में अफ़ग़ान नागरिकों की मौत हुई है.
कुनार प्राँत के वातापुर ज़िले के ग्रामीणों का कहना है कि गुरुवार को देर शाम एक बम हमले में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई थी.
शुक्रवार को सुबह जब गाँव के लोग इनका अंतिम संस्कार कर रहे थे तो वहीं एक और बम हमला हुआ और इसमें 25 नागरिक मारे गए.
अफ़ग़ान अधिकारियों ने अभी इन मौतों की पुष्टि नहीं की है.
नैटो के नेतृत्व में काम करने वाली आईसैफ़ का कहना है कि कुनार प्रांत में उनकी कार्रवाई चल रही है.
अधिकारियों का कहना है कि उन पर कई ओर से हमले हो रहे थे और उन्होंने इसके जवाब में उन ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जहाँ से गोलाबारी हो रही थी. इसमें एक परिसर भी शामिल है.
उनका कहना है कि उन्हें कुछ चरमपंथियों के मारे जाने का अंदाज़ा है.
लेकिन उनका कहना है, "इस समय यह मानने का कोई कारण नहीं है कि कोई आम नागरिक मारा गया है."
बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैविलैंड का कहना है कि जिस जगह सैन्य कार्रवाई हुई है वह दूरस्थ इलाक़ा है और ऐसे में मारे गए लोगों की संख्या का पता लगाना कठिन है.
उनका कहना है कि पिछले कुछ हफ़्तों में विदेशी फ़ौजों के हवाई हमलों और गोलीबारी से आम नागरिकों के मारे जाने की घटनाएँ बढ़ी हैं और इसकी व्यापक निंदा भी हुई है.