मंगलवार, 03 जुलाई, 2007 को 18:32 GMT तक के समाचार
गुजरात में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के कारण पिछले तीन दिनों में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई है.
निचले इलाक़ों में पानी भर जाने के कारण विभिन्न ज़िलों में कोई 48 हज़ार लोगों को निकालकर राहत शिविरों में ले जाया गया है.
वहाँ थलसेना और नौसेना को अलर्ट कर दिया गया है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से फ़ोन पर बात की है और केंद्र की ओर से मदद का आश्वसन दिया है.
तेज़ बारिश के चलते पश्चिम बंगाल में भी बाढ़ की स्थिति बन गई है. वहाँ अब तक दस लोगों के मारे जाने की ख़बरें हैं.
उधर कर्नाटक में कावेरी और कृष्णा नदियों में जल स्तर लगातार बढ़ने के बाद कई ज़िलों में बाढ़ की चेतावनी दी गई है.
गुजरात में हालात गंभीर
पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से गुजरात के कई ज़िलों में हालात गंभीर हो गए हैं.
सौराष्ट्र इलाक़े के जामनगर, जूनागढ़, अमरेली, भावनगर ज़िलों में और दक्षिण गुजरात के वड़ोदरा, भरुच, सूरत और नवरासी ज़िलों में भारी बारिश हुई है.
सबसे अधिक प्रभावित ज़िला भरुच है.
पुलिस के अनुसार जामनगर में सोमवार को विभिन्न घटनाओं में दस लोगों की मौत हो गई थी जबकि चार लोगों की मौत जूनागढ़ ज़िले में हुई.
नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बाँध सहित इन इलाक़ों के सभी बाँध भर चुके हैं.
बारिश और बाढ़ के कारण कई जगह रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है और कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं. जूनागढ़ में तो बाढ़ से पटरी ही बह गई.
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है और इसे देखते हुए थलसेना और नौसेना को तैनाती के लिए तैयार रहने को कहा गया है.
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से फ़ोन पर बात की है.
प्रधानमंत्री ने बाढ़ से निपटने के लिए और आपदा राहत के लिए केंद्रीय सहायता का प्रस्ताव दिया है.
पश्चिम बंगाल
उधर पश्चिम बंगाल में सोमवार की शाम से हो रही लगातार बारिश की वजह से कई ज़िलों में बाढ़ की स्थित बन गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दक्षिणी 24 परगना ज़िले में आठ लोगों की मौत हुई है जबकि उत्तरी 24 परगना ज़िले में एक व्यक्ति की मौत हुई है.
राजधानी कोलकाता के निचले इलाक़ों मे पानी भर गया है और जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है.
उत्तरी और पश्चिनी इलाक़े तो बाक़ी शहर से एक तरह से कट ही गए हैं.
वहाँ घुटनों तक पानी भरा हुआ है और यातायात ठप्प ही हो गया है.
मौसम विभाग ने वहाँ और बारिश की चेतावनी दी है.
नदियाँ ऊफ़ान पर
दूसरी ओर कर्नाटक में कावेरी और कृष्णा नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है.
इसके चलते बेलगाम, बगलकोट और बीजापुर सहित कई ज़िलों में बाढ़ की चेतावनी दी गई है.
अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ के आसार को देखते हुए मैसूर और आसपास के इलाक़ों और श्रीरंगपटना ज़िले में भी चेतावनी जारी की गई है.
इस बीच बारिश की वजह से कई जगह मकान गिरने आदि की ख़बरें मिली है.
पीटीआई के अनुसार बेलगाम में बारिश से 740 मकानों के क्षति पहुँची है जबकि आठ मकान पूरी तरह से गिर गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि 24 करोड़ रुपयों की सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुँचा है.