मंगलवार, 03 जुलाई, 2007 को 07:21 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के अधिकारियों के अनुसार वहाँ पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 240 से ज़्यादा हो गई है.
राहत अधिकारियों के अनुसार 200 से अधिक लोग लापता हैं और इनमें से अधिकतर बलूचिस्तान प्रांत के हैं.
तूफ़ान और उसके बाद हुई मूसलाधार बारिश के कारण भीषण बाढ़ से बलूचिस्तान प्रांत में 15 ज़िलों में लगभग 20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
पाकिस्तान के सीमावर्ती कबायली इलाक़ों में भी कई लोगों की बाढ़ से मौत होने की ख़बरें हैं.
पाकिस्तान के पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान में भी बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है और वहाँ 80 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.
चुनौती
पाकिस्तान में बाढ़ का सबसे अधिक असर बलूचिस्तान और सिंध प्रांत में हुआ है और मरने वाले ज़्यादातर लोग भी वहीं के हैं.
आपदा प्रबंधन अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में राहत अभियान के लिए 15 हज़ार सैनिकों को तैनात किया गया है.
बलूचिस्तान में बड़ी संख्या में लोग पिछले कई दिनों से बिजली और पानी के बगैर गुजारा कर रहे हैं.
इन क्षेत्रों में और अधिक बारिश की संभावना जताई गई है.
राहत
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता राज़िक़ बुगती ने समाचार एजेंसी एपी से कहा, " प्रभावित क्षेत्रों के लिए पर्याप्त राहत सामग्री है, लेकिन उन क्षेत्रों में जहाँ संचार व्यवस्था ठप्प है और सड़कें बह गई हैं, सामग्री बाँटना चुनौतीपूर्ण है."
एक अन्य राहत अधिकारी ने बताया कि बाढ़ के कारण बेघर हुए लोगों को आश्रय देने के लिए और तंबुओं की ज़रूरत है.
प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य के आयुक्त अली गुल कुर्द का कहना था कि सैकड़ों गाँव बाढ़ से प्रभावित हैं, 90 प्रतिशत फ़सलें और घर नष्ट हो गए हैं.
पिछले सप्ताह कराची में तूफ़ान और बाढ़ के कारण 200 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
अचानक आई बाढ़ के कारण तूफ़ान से प्रभावित क्षेत्र में लोगों तक मदद पहुँचाना मुश्किल हो गया है.