शनिवार, 30 जून, 2007 को 09:15 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के प्रांत हेलमंद में पुलिस का कहना है कि शुक्रवार रात को गठबंधन सेना की बमबारी में कई आम नागरिक मारे गए हैं.
स्थानीय लोगों ने बीबीसी को बताया है कि उनके मुताबिक 50 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं जिसमें महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं.
नैटो के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना का कहना है कि उसका अभियान जारी है लेकिन नागरिकों के हताहत होने के बारे में उसे जानकारी नहीं है.
गेरेशक कस्बे के पास कई गाँववालों ने बीबीसी को फ़ोन करके बताया कि गठबंधन सेना ने वहाँ बमबारी की है. उनके मुताबिक बमबारी दो से तीन घंटे तक चली.
लोगों के मुताबिक 50 से लेकर 80 नागरिक मारे जा चुके हैं और वे इन लोगों के शव गेरेशक कस्बे में ला रहे हैं ताकि अधिकारियों को दिखा सकें.
नागरिकों का कहना है कि तालेबान चरमपंथियों और गठबंधन सेना के बीच काफ़ी देर तक संघर्ष चला और इसके छह घंटे बाद बमबारी शुरु हो गई.
बमबारी
हेलमंद के पुलिस प्रमुख मोहम्मद हुसैन ने कहा है कि आम नागरिक हताहत हुए हैं लेकिन उन्होंने कोई संख्या नहीं दी है. उन्होंने कहा कि बमबारी से पहले गठबंधन सेना ने अफ़ग़ान अधिकारियों से बातचीत नहीं की.
इस बारे में गठबंधन सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि पिछले दो दिनों से गेरेशक में अभियान चल रहा है जिसमें बमबारी भी शामिल थी.
प्रवक्ता का कहना था कि वे चरमपंथियों के हताहत होने के बारे में तो जानते हैं लेकिन नागरिकों के बारे में नहीं.
पिछले हफ़्ते ही अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने विदेशी सेना पर आरोप लगाया था कि वो अपने अभियान में एहतियात नहीं बरत रहे हैं.
हामिद करज़ई ने कहा था कि विदेशी सेना को उनकी सरकार के साथ तालमेल बिठा कर काम करना चाहिए.
ख़बरों के मुताबिक इस साल विदेशी सेना का हाथों 240 से 320 की संख्या के बीच आम नागरिक मारे जा चुके हैं.
विदेशी सेना और अफ़ग़ान सरकार का कहना है कि हमला करने के बाद तालेबान चरमपंथी अकसर आम लोगों के घरों में जाकर शरण लेते हैं