शुक्रवार, 29 जून, 2007 को 05:22 GMT तक के समाचार
भारतीय रक्षा मंत्री एके एंटनी ने जम्मू-कश्मीर में नाबालिग लड़की से बलात्कार की कोशिश के आरोप में दो सैनिकों के पकड़े जाने की रिपोर्ट माँगी है.
बांदीपुरा में इन सैनिकों को पकड़ने के बाद नाराज़ लोगों ने दोनों सैनिकों के सिर मूंड़ दिए थे और उनके कपड़े उतारकर और मुँह काला करके बाज़ार में घुमाया था.
इन दोनों सैनिकों, बलवंत सिंह और जोगिंदर सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया था और उनके ख़िलाफ़ बलात्कार के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया था.
हालांकि सेना का कहना है कि सैनिकों के ख़िलाफ़ ग़लत आरोप लगाए जा रहे हैं.
गंभीर मामला
यह मामला गुरुवार को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में उठा था. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस समिति के अध्यक्ष हैं.
इसके बाद रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए रक्षा सचिव शेखर दत्त से कहा है कि वे एक दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट दें.
सेना अध्यक्ष जेजे सिंह से कहा गया है कि वे इस विषय पर अपनी टिप्पणी दें. लेकिन उनके देश से बाहर होने के कारण उपाध्यक्ष दीपक कपूर इस विषय पर जानकारी देने वाले हैं.
लोगों का कहना है कि ये दोनों सैनिक सादे कपड़े पहने हुए थे और मंगलवार की शाम बांदीपुरा के कुनान गाँव के एक घर में ज़बरदस्ती घुस गए थे.
इन सैनिकों ने घरवालों को यह कहकर धमकाया कि वे चरमपंथी हैं और फिर उन्होंने अपने लिए खाना माँगा और ठहरने की व्यवस्था करने को कहा.
ज़िला पुलिस अधीक्षक विप्लव कुमार ने बीबीसी को बताया था कि लोगों का कहना है कि इसके बाद इन सैनिकों ने एक नाबालिग लड़की से बलात्कार करने की कोशिश की.
लेकिन लड़की ने मदद के लिए चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया और अड़ोस-पड़ोस के लोग वहाँ इकट्ठे हो गए.
नाराज़ लोगों ने इन सैनिकों को पकड़कर उनकी पिटाई की. फिर उनके सिर मूड़ दिए गए, उनके मुँह पर कालिख़ मल दी और उनके कपड़े उतारकर सड़क पर घुमाया गया था.
इन सैनिकों के पीछे हज़ारों लोग सेना के ख़िलाफ़ नारे लगाते हुए चल रहे थे.
इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अश्रुगैस छोड़ी थी और हवा में गोलियाँ चलानी पड़ी थी.
हालांकि सेना के प्रवक्ता कर्नल मनजिंदर सिंह ने कहा था कि ये दोनों सैनिक गाँव में ख़ुफ़िया सूचनाएँ एकत्रित करने गए हुए थे.
उनका कहना है कि कुछ कट्टरपंथियों ने उनके ख़िलाफ़ ग़लत आरोप लगाकर लोगों को भड़का दिया.