शुक्रवार, 29 जून, 2007 को 15:25 GMT तक के समाचार
भारत में विपक्षी दलों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने चुनाव आयोग से शिकायत की है कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रपति चुनाव में मतदाताओं को 'ग़लत तरीक़े' से प्रभावित कर रही है.
एनडीए ने पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह की राज्यसभा सदस्यता ख़त्म किए जाने संबंधी कांग्रेस पार्टी की सिफ़ारिश के बाद ये कदम उठाया है.
पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने राष्ट्रपति पद के निर्दलीय प्रत्याशी भैरो सिंह शेखावत के नामांकन पत्र में हस्ताक्षर किए हैं.
एनडीए प्रवक्ता सुषमा स्वराज ने आरोप लगाया कि यूपीए और वामपंथी पार्टियों की साझा उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल की सहमति से नटवर सिंह की सदस्यता को अवैध ठहराने की बात की जा रही है.
चुनाव आयोग को सौंपी अपनी शिकायत में एनडीए ने कहा कि इस चुनाव में नटवर सिंह एक मतदाता हैं और किसी भी प्रत्याशी के नाम का समर्थन या अनुमोदन करने का उन्हें पूरा अधिकार है.
भाजपा नेता सुषमा स्वराज के नेतृत्व में एनडीए के एक प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयुक्त नवीन चावला को अपनी शिकायत सौंपी.
कार्रवाई
सुषमा स्वराज ने बताया कि उन लोगों ने चुनाव आयोग से इस मामले को संज्ञान में लेते हुए यूपीए-वाम समर्थिक प्रत्याशी प्रतिभा पाटिल के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करने की मांग की है.
सुषमा स्वराज के अनुसार कांग्रेस पार्टी ने नटवर सिंह की सदस्यता समाप्त करने के लिए आधार ये बताया है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के चुनावों में समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार किया था लेकिन सदस्यता रद्द करने की सिफ़ारिश तब की जब नटवर सिंह ने भैरो सिंह शेखावत के प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किया.
सुषमा स्वराज ने सवाल किया कि यदि नटवर सिंह ने समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार किया था तो कांग्रेस ने उनकी सदस्यता रद्द करने की बात पहले क्यों नहीं की.
सुषमा स्वराज ने कहा,"हमने आयोग को बताया कि नटवर सिंह को समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार करने की नहीं बल्कि भैरो सिंह शेखावत के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करने की सज़ा दी जा रही है."
उन्होंने आगे कहा,"यह 'अनड्यू इनफ़्लुएंस' का पुख़्ता मामला बनता है. प्रेसीडेंट और वाइस प्रेसीडेंट इलेक्शन एक्ट की धारा 18 के तहत इस आधार पर हुआ चुनाव भी अवैध घोषित किया जा सकता है."