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शुक्रवार, 29 जून, 2007 को 15:00 GMT तक के समाचार

तापसी हत्याकाँड में बड़ी गिरफ़्तारी

भारत में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने तापसी मलिक के बलात्कार और हत्या में हाथ होने के आरोप में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) के एक वरिष्ठ नेता सुहरिद दत्ता को गिरफ़्तार किया है.

सुहरिद दत्ता आंचलिक कमेटी के सेक्रेटरी हैं और सीपीआईएम की हुगली ज़िला समिति के सदस्य भी हैं. दत्ता को सीबीआई ने शुक्रवार को उनसे दिनभर पूछताछ करने के बाद उन्हें शाम को गिरफ़्तार किया है.

सीपीआईएम के एक वरिष्ठ नेता बिनय कोनार ने बीबीसी को बताया कि सुहरिद दत्ता की गिरफ़्तारी राजनीति से प्रेरित है.

पश्चिम बंगाल के सिंगूर इलाक़े में दिसंबर 2006 में एक ग्रामीण महिला तापसी मलिक की मौत हो गई थी जिसके बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था.

उस समय टाटा उद्योग समूह अपनी प्रस्तावित फ़ैक्टरी के लिए कुछ ज़मीन का अधिग्रहण करने की कोशिश कर रहा था लेकिन लोगों ने उसका तीखा विरोध किया था.

तापसी मलिक के साथ कथित बलात्कार और फिर उसकी मौत की घटना पर विपक्षी पार्टियों ने हड़ताल का भी आहवान किया था.

उस दबाव में आकर मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने उस मामले की जाँच सीबीआई से कराने की सिफ़ारिश की थी.

विपक्षी पार्टियों का कहना था कि राज्य की सरकार स्थानीय ग्रामीणों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रही थी ताकि वे आसानी से अपनी ज़मीन टाटा उद्योग समूह को सौंप दें और तापसी मलिक की घटना को इस पूरे मामले से जोड़ दिया गया था.

सीबीआई ने शुक्रवार को दावा किया कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के एक समर्थक देबू मलिक ने इक़बालिया बयान में कहा है कि उसे तापसी मलिक की हत्या करने के लिए मार्क्सवादी नेता सुहरिद दत्ता, दिवाकर दास, माणिक संत्रा, महादेव कोले, संतोष मलिक और जॉयदेव मलिक ने भड़काया गया था.

सीबीआई ने सुहरिद दत्ता और कुछ अन्य नेताओं से शुक्रवार को कोलकाता में पूछताछ की और दत्ता को शाम को गिरफ़्तार कर लिया गया.

मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने कहा है कि उनकी सरकार सीबीआई की जाँच में कोई दख़ल नहीं देगी और ज़ोर देकर यह भी कहा कि क़ानून को अपना काम करने दिया जाएगा लेकिन जानकारों का कहना है कि देबू मलिक का इक़बालिया बयान सत्तारूढ़ सीपीआईएम पार्टी के लिए शर्मिंदा करने वाला मामला तो है ही.