गुरुवार, 28 जून, 2007 को 12:51 GMT तक के समाचार
सौतिक बिस्वास
बीबीसी संवाददाता, काबुल से
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल की ऊबड़खाबड़ सड़कों से जब सईद मक़सूद की लंबी, छह दरवाज़ों वाली लिमूज़ीन गुज़रती है तो लोग आँखें फाड़े उसे देखते रह जाते हैं.
मक़सूद ने पहली बार काबुल में लिमूज़ीन किराए पर देने का धंधा शुरु किया है और इसे आमतौर पर शादी-ब्याह के लिए 140 डॉलर में दस घंटे की दर पर किराए पर लिया जाता है.
मक़सूद कहते हैं कि यह दुनिया में सबसे कम किराया है क्योंकि अमरीका में लिमूज़ीन एक घंटे के लिए लेने पर ही 150 डॉलर देने पड़ जाते हैं.
वह कहते हैं कि लोग अजीब-अजीब मिसालें देते हैं. कोई कहता है कि यह दो ज़रदी वाले अंडे की तरह लगती है. तो कोई इसे बिना पंख का हवाई जहाज़ बताता है.
कुछ लोग तो यह सलाह भी देते हैं कि इसे बीच से काट कर दो कारें क्यों नहीं बना ली जातीं ताकि ज़्यादा आमदनी हो.
सईद मक़सूद की शम्स कंपनी ने अमरीका से तीन लिमूज़ीन मंगाई हैं जो किराए पर दी जा रही हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में आमतौर पर शादी में भारी रक़म ख़र्च की जाती है. शहरों में तो लोग 30 हज़ार डॉलर तक की क़र्ज़ ले कर ख़र्च करते हैं और अगले दस वर्ष उसे चुकाने में लगाते हैं.
और यही वजह है कि मक़सूद की तीनों कारें हमेशा बुक रहती हैं. उन्हें फूलों से सजाया जाता है और उनमें पहले से ही डीवी़डी प्लेयर और शर्बत की बोतलें मौजूद रहती हैं.
सईद मक़सूद जब 70 हजार डॉलर करके अमरीका से यह लिमूज़ीन अफ़ग़ानिस्तान लाए तो उन्हें इम काली गाड़ियों को सफ़ेद कराने पर और पैसा ख़र्च करना पड़ा क्योंकि अधिकतर अफ़ग़ान काले रंग को अशुभ मानते हैं.
एक कार में आठ लोगों के बैठने की जगह है लेकिन कभी-कभी चौदह यात्री तक अपने लिए जगह निकाल लेते हैं.
सईद मक़सूद की यह कारें पार्टियों और हवाई अड्डे से मेहमानों को लाने ले-जाने के लिए भी इस्तेमाल हो रही हैं.