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नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर

कुत्तों को पूरी तरह समर्पित एक कूची

राजस्थान में एक चित्रकार ने रंगों की अपनी कूची को कुत्तों को समर्पित कर दिया है.

जयपुर के राजस्थान स्कूल ऑफ आर्टस के डॉक्टर जगमोहन माथोडिया ने अपने चित्रों में कुत्तों के पांच हज़ार से ज़्यादा चित्र उकेरे हैं.

माथोडिया कहते हैं,'' मैं कुत्तों की वफ़ादारी से अभिभूत हूँ.''

माथोडिया से मुलाक़ात हो तो वो आपको कुत्तों के ऐसे संसार में ले जाते हैं जहां भांति भांति की भावाभिव्यक्ति में कुत्ते तस्वीरों में क़ैद हैं.

माथोडिया ने 1994 से इन चित्रों का सिलसिला शुरु किया था और उनके संग्रह में कुत्तों की पाँच हज़ार सात सौ से अधिक तस्वीरें हैं.

माथोडिया कहते हैं,'' मैंने कुत्ते को विभिन्न विषयों पर संदेश देने के लिए चित्रों में प्रयुक्त किया है.''

कलाकार की कूची चली तो उसमें राजनीतिक पात्रों का भी समावेश हुआ. माथोडिया के चित्रों में रेल मंत्री लालू प्रसाद भी हैं.

राजनीति पात्रों का समावेश

माथोडिया की हसरत है कि वो अपना पसंदीदा चित्र लालू प्रसाद को दिखा सकें लेकिन उन्हें इस बात का डर भी है कि कहीं लालू इस चित्रात्मक ठिठोली से नाराज़ न हो जाएं.

वो कहते हैं,'' मेरी इच्छा थी कि लालू और उनके परिजन इस चित्र को देखें. पर बाद में मुझे लगा कि कहीं वो नाराज़ न हो जाएं क्योंकि कुत्तों के चित्रों में किसी का संदर्भ आना किसी को बुरा भी लग सकता है.''

माथोडिया का घर श्वानों के इस चित्रात्मक संसार की कला दीर्घा जैसा है.

जयपुर में डॉग ट्रेनिंग सेंटर के वीरेन शर्मा कहते हैं,'' कुत्तों को कलाकृतियों में स्थान बहुत पहले मिलना चाहिए था. सचमुच यह प्यारा जानवर इससे भी अधिक सम्मान का हकदार है.''

जयपुर में कुत्तों की संस्था से संबद्ध डॉ सुनील चावला कहते हैं,'' इंसान के प्रति कुत्ता सदैव अपनी वफ़ादारी का प्रदर्शन करता रहा है. कुत्ते में इंसान के लिए प्रतिबद्धता का विलक्षण गुण है. यही बात इसे इंसान से जोड़ती है.''

कहते हैं कि धर्मराज युधिष्ठर ने भी स्वर्ग जाते समय संकट में अपना साथ देने वाले कुत्ते को साथ ले जाने का प्रबल आग्रह किया था.

शायद ऐसे ही उदाहरण और उद्धरणों ने माथोडिया जैसे कलाकार की कूची को ताकत दी होगी.