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मंगलवार, 26 जून, 2007 को 23:28 GMT तक के समाचार

'शिवसेना के साथ संबंधों की समीक्षा होगी'

राष्ट्रपति चुनाव में प्रतिभा पाटिल को समर्थन देने के शिव सेना के फ़ैसले से भारतीय जनता पार्टी के साथ उसके रिश्तों में दरार पड़ गई है.

भाजपा ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति चुनावों के बाद अब तक सहयोगी रहे इस दल के साथ संबंधों की समीक्षा की जाएगी.

भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' भाजपा अभी अपना पूरा ध्यान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार भैरोसिंह शेखावत के प्रचार पर केंद्रित कर रही है और शिवसेना के साथ संबंधों की समीक्षा इस चुनाव के बाद की जाएगी.''

उन्होंने शिव सेना के फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा कि उसके इस निर्णय से भाजपा को दुख हुआ है.

उन्होंने कहा कि क्षेत्रवाद के आधार पर राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल को समर्थन देने की शिव सेना की दलील अनुचित है.

सुषमा स्वराज का कहना था कि यदि एनडीए किसी बंगाली शख्स को उम्मीदवार बनाता तो क्या सीपीएम उसका समर्थन करती.

महाराष्ट्र से भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कांग्रेस और शिव सेना के बीच सौदेबाजी हुई है.

मुंडे ने शिव सेना के मराठा अभिमान की दलील को ठुकराते हुए कहा कि पिछले चुनाव में जब सुशील कुमार शिंदे उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे तो शिव सेना ने उन्हें समर्थन क्यों नहीं दिया था.

भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रतिभा पाटिल के साथ जाकर शिव सेना ने हिंदुत्व विरोधी काम किया है.

शिव सेना का फ़ैसला

इसके पहले भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी शिव सेना ने राष्ट्रपति चुनाव में प्रतिद्वंद्वी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी.

मराठी होने के कारण शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने प्रतिभा पाटिल के समर्थन का फ़ैसला किया.

ठाकरे का कहना था,'' यह महाराष्ट्र का सौभाग्य है कि एक मराठी महिला पहली बार राष्ट्रपति बनने जा रही है.''

इस बारे में पहले शिव सेना के स्थापना दिवस यानी 19 जून को घोषणा की जाने की बात कही गई थी पर इस घोषणा को टाल दिया गया था.

शिव सेना ने प्रतिभा पाटिल को समर्थन के संकेत पहले ही दे दिए थे लेकिन उन्हें एनडीए की ओर से मनाने की कोशिश की जा रही थी.