सोमवार, 25 जून, 2007 को 17:30 GMT तक के समाचार
भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी शिव सेना ने राष्ट्रपति चुनाव में प्रतिद्वंद्वी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल को समर्थन देने की घोषणा कर दी है.
शिवसेना ने ऊहापोह के बाद आख़िरकार प्रतिभा पाटिल को अपना समर्थन देने का फ़ैसला किया.
माना जा रहा है कि शिव सेना के इस फ़ैसले से उसके और भारतीय जनता पार्टी के बीच दो दशक पुराने गठबंधन में दरार पड़ने की नौबत आ सकती है.
प्रतिभा पाटिल के मराठी होने के कारण शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने प्रतिभा के समर्थन का फ़ैसला किया.
ठाकरे ने कहा कि यह अच्छा संकेत है कि देश की पहली महिला राष्ट्रपति महाराष्ट्र से होंगी.
उनका कहना था,'' यह महाराष्ट्र का सौभाग्य है कि एक मराठी महिला पहली बार राष्ट्रपति बनने जा रही है.''
इस बारे में पहले शिव सेना के स्थापना दिवस यानी 19 जून को घोषणा की जाने की बात कही गई थी पर इस घोषणा को टाल दिया गया.
शिव सेना ने प्रतिभा पाटिल को समर्थन के संकेत पहले ही दे दिए थे लेकिन उन्हें एनडीए की ओर से मनाने की कोशिश की जा रही थी.
कुछ समय पहले शिव सेना ने अपने मुखपत्र में कहा था कि मराठी मूल की प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना गर्व की बात है.
राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में शिवसेना के मतों का मूल्य 22950 है. निर्वाचक मंडल के कुल मतों का मूल्य 10 लाख 98 हज़ार है.
शेखावत का नामांकन
दूसरी ओर भैरोंसिंह शेखावत ने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सोमवार को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है.
भैंरोसिंह शेखावत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ सोमवार को अपना नामांकन दाखिल करने पहुँचे.
उनके साथ नामांकन दाखिल करते समय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद थे.
इसके अलावा शरद यादव, नवीन पटनायक सहित एनडीए के घटक दलों के भी नेता उनके नामांकन के वक्त मौजूद थे.
इससे पहले शनिवार को यूपीए और वाम दलों की साझा उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था.
ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद 19 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में शेखावत और प्रतिभा पाटिल के बीच मुख्य मुक़ाबला रह गया है.