रविवार, 24 जून, 2007 को 02:12 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई की कड़ी आलोचना के बाद नैटो ने स्वीकार किया है कि उसे अपने सैनिक अभियानों में एहतियात बरतने की ज़रूरत है.
नैटो के प्रवक्ता निक लुंट ने कहा, "हम अब तक जैसा काम कर रहे हैं हमें उससे बेहतर काम करने की ज़रूरत है, लेकिन हम तालेबान की तरह नहीं हैं जो जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाएँ. "
राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने नैटो और अमरीकी सेना पर आरोप लगाया था कि वे अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों के साथ तालमेल के बिना काम कर रहे हैं जिससे आम नागरिकों की जानें जा रही हैं.
नैटो के प्रवक्ता ने कहा कि नागरिकों के मारे जाने पर करज़ई का 'नाराज़ और चिंतित' होना जायज़ है.
अफ़ग़ानिस्तान में पिछले एक सप्ताह में हुई अलग अलग सैनिक कार्रवाइयों में अब तक 90 लोग मारे जा चुके हैं.
अफ़ग़ानिस्तान से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि देश में चरमपंथियों के हाथों जितने आम नागरिक मारे गए हैं उससे कहीं अधिक लोग विदेशी सेना की कार्रवाइयों में मारे गए हैं.
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति का कहना है कि वर्षों से विदेशी सेनाओं ने उनके अधिकारियों से सलाह-मशविरा करना छोड़ दिया है जिसकी वजह से ही ये गड़बड़ियाँ हो रही हैं.
अपने एक क्रुद्ध बयान में करज़ई ने कहा कि "अफ़ग़ान लोगों का जीवन सस्ता नहीं है."
पाकिस्तान
एक अन्य घटना में विदेशी सेना की कार्रवाई में नौ पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हो गई है.
पाक-अफ़ग़ान सीमा पर चरमपंथियों को निशान बनाकर दाग़े गए रॉकेट के एक घर पर गिर जाने से आम नागरिकों की मौत की यह घटना हुई.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अरशद वहीद ने इस घटना पर अफ़सोस ज़ाहिर किया है और कहा है कि गठबंधन सेना से इस बारे में स्पष्टीकरण माँगा गया है.
अफ़ग़ानिस्तान में इस समय दो अंतरराष्ट्रीय सैनिक अभियान चल रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और सहायता सेना का नेतृत्व नैटो कर रहा है जिसमें अमरीका सहित अनेक देशों के लगभग 37 हज़ार सैनिक हैं.
इस सेना का मक़सद अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा बहाल करने और विकास के साथ-साथ बेहतर सरकार और प्रशासन की स्थापना में मदद करना है.
अमरीकी सैनिक भी भारी संख्या में अफ़ग़ानिस्तान में तैनात हैं जो ऑपरेशन 'इन्ड्यूरिंग फ्रीडम' नाम का अभियान चला रहे हैं जिसका मक़सद तालेबान का सफ़ाया करना है.