शनिवार, 23 जून, 2007 को 07:37 GMT तक के समाचार
भारत में राष्ट्रपति पद के लिए सत्तारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) और वामपंथी दलों की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाख़िल कर दिया.
नामांकन के समय राजस्थान की पूर्व राज्यपाल प्रतिभा पाटिल के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी थी. प्रतिभा पाटिल ने लोकसभा सचिवालय में जाकर अपना नामांकन भरा.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाख़िल करने की आख़िरी तारीख़ 30 जून है. ज़रूरी हुआ तो मतदान 19 जुलाई को होगा और मतगणना 21 जुलाई को होगी.
मौजूदा राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया था कि वे दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे. हालाँकि कुछ दिन पहले तीसरे मोर्चे के नेताओं के साथ बैठक में उन्होंने कहा था कि अगर जीत सुनिश्चित हो तो वे चुनाव लड़ सकते हैं.
लेकिन तीसरे मोर्चा उनके नाम पर आम सहमति नहीं जुटा पाया. उम्मीद है कि अब प्रतिभा पाटिल के सामने मुख्य प्रतिद्वंद्वी होंगे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत.
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(एनडीए) ने तो शेखावत को समर्थन देने की घोषणा कर रखी है लेकिन तीसरे मोर्चे ने अभी अपना रुख़ स्पष्ट नहीं किया है.
शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने अपील की थी कि राष्ट्रपति कलाम के इनकार के बाद तीसरे मोर्चे को भैरोसिंह शेखावत का समर्थन करना चाहिए. लेकिन अभी तक तीसरे मोर्चे की ओर से इस बारे में कोई बयान नहीं आया है.
नामांकन
इस बीच सत्तारुढ़ यूपीए और वामपंथी दलों के कई शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में प्रतिभा पाटिल ने अपना नामांकन दाख़िल कर दिया.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के अलावा उनके साथ लालू प्रसाद यादव, शरद पवार, रामविलास पासवान, टीआर बालू और रामदास अठावले भी थे.
नामांकन के समय वामपंथी नेता सीताराम येचुरी, गुरुदास दास गुप्ता और अबनी रॉय भी थे. इसके अलावा गृह मंत्री शिवराज पाटिल, विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी सहित मौजूदा सरकार के कई मंत्री भी वहाँ मौजूद थे.
नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले प्रतिभा पाटिल अपने परिवारजनों के साथ राजघाट गईं और महात्मा गांधी की समाधि पर फूल चढ़ाए.