शनिवार, 23 जून, 2007 को 08:51 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक चीनी ब्यूटी और मसाज सेंटर से अगवा किए गए सभी नौ लोगों को रिहा कर दिया गया है.
इस्लामाबाद की लाल मस्जिद से जुड़े मदरसों के छात्रों ने शुक्रवार की रात एक चीनी ब्यूटी और मसाज सेंटर पर छापा मार कर वहाँ मौजूद नौ लोगों को अगवा कर लिया जिनमें छह चीनी लड़कियाँ थी.
लाल मस्जिद के प्रमुख ने कहा था कि अगर उन्हें प्रशासन ये भरोसा दिला देगा कि मसाज सेंटर में लड़कियाँ मर्दों की मालिश नहीं करेगीं, तो अगवा की गईं चीनी लड़कियाँ रिहा कर दी जाएँगी.
लाला मस्जिद के प्रमुख अब्दुल रशीद ग़ाज़ी ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि मदरसे के छात्र कई दिनों से इस सेंटर पर नज़र रखे हुए थे, जिसके बाद उन्होंने ये कार्रवाई की.
उन्होंने स्वीकार किया कि सेंटर में स्वास्थ्य संबंधी सुविधा दी जाती थी. लेकिन 1000 रुपए में मालिश के अलावा 500 रुपए में अनैतिक काम भी होता था और शराब के लिए अलग पैसे लिए जाते थे.
'पाकिस्तान को एक सच्चा इस्लामी देश बनाने की मुहिम' चलाने का दावा करने वाली मस्जिद की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि "यह अश्लीलता के ख़िलाफ़ छात्रों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है."
कार्रवाई
तालेबान समर्थक कट्टरपंथी मानी जाने वाली इस मस्जिद के एक प्रवक्ता ने फ़ोन पर समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि "वहाँ वेश्यालय चल रहा था, हमने कई बार चेतावनी दी थी लेकिन प्रशासन ने कुछ नहीं किया तो हमें ख़ुद ही कार्रवाई करनी पड़ी."
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीन कारों में सवार होकर तीस लोगों एक दल वहाँ पहुँचा जिसमें 10 पर्दानशीन महिलाएँ भी थीं, वे नौ लोगों को अपने साथ मस्जिद के अंदर ले गए.
इस्लामाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मोहम्मद नईम ने बताया कि मस्जिद के अधिकारियों के ख़िलाफ़ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया है.
पिछले ही महीने लाल मस्जिद में कई पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर रख लिया गया था और पूरा विवाद छह दिनों तक चलता रहा था.
इससे पहले भी इस मस्जिद से जुड़े छात्र कथित वेश्यालयों पर धावा बोलते रहे हैं, उन्होंने कई बार उन दुकानों में तोड़फोड़ की है जहाँ फ़िल्मों और संगीत के सीडी-डीवीडी आदि की बिक्री होती है.
उनका कहना है कि फ़िल्मों और संगीत से पाकिस्तानी समाज में अश्लीलता फैल रही है.