शनिवार, 23 जून, 2007 को 11:25 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
राजस्थान में बीकानेर की एक अदालत ने एक क़ैदी को यातना देकर मारने के मामले में दो जेल अधिकारियों सहित चार लोगों को दोषी ठहराया है.
इन चारों व्यक्तियों की सज़ा पर अदालत अपना फ़ैसला 28 जून को सुनाएगी. जेल अधिकारियों ने ख़ुद को निर्दोष बताया है.
बीकानेर की एक फ़ास्ट ट्रैक अदालत ने 11 साल पुराने इस मामले में सुनवाई के बाद कहा कि जेल अधीक्षक ओम प्रकाश और जेलर राम कुमार के विरुद्ध हत्या के आरोप सही पाए गए.
जेल अधिकारियों के वकील माणक गुप्ता ने बीबीसी से कहा कि उनके मुवक्किल बेगुनाह है. अभियोजन पक्ष के अनुसार बीकानेर के केंद्रीय कारागार में एक बंदी लखविंदर की 1996 में मौत हो गई थी.
आरोप
आरोप है कि लखविंदर की जेल के भीतर पिटाई की गई थी. पोस्टमार्टम में लखविंदर के शरीर पर खरोंचों के निशान पाए गए थे.
अभियोजन पक्ष ने इस आरोप को सिद्ध करने के लिए 20 गवाहों को अदालत में पेश किया था. बचाव पक्ष ने आरोपों को ग़लत बताते हुए नौ लोगों को बतौर गवाह पेश किया था.
अभियोजन पक्ष ने कुल पांच लोगों को अभियुक्त बनाया था. इनमें दो अधीक्षकों के साथ-साथ तीन कारागार के बंदी भी शामिल थे. मुक़दमे की सुनवाई के दौरान इनमें से एक अभियुक्त की मौत हो चुकी है.