शुक्रवार, 22 जून, 2007 को 07:16 GMT तक के समाचार
भारत प्रशासित कश्मीर में भी सलमान रुश्दी को नाइटहुड दिए जाने का विरोध हो रहा है. शुक्रवार को श्रीनगर और आसपास के इलाक़ों में बंद का आह्वान किया गया है.
ज़्यादातर इलाक़ों में बंद का असर दिख रहा है. इन इलाक़ों में दूकानें, स्कूल और कार्यालय बंद हैं.
बंद का आह्वान जमात-उल-मुजाहिदीन ने किया है. संगठन का कहना है कि सलमान रुश्दी को नाइटहुड देना इस्लाम का अपमान है.
वर्ष 1988 में अपने उपन्यास सैटेनिक वर्सेज़ के कारण सलमान रुश्दी विवादों में रहे हैं. मुसलमानों का एक बड़ा तबका इस उपन्यास को इस्लाम विरोधी मानता है.
विरोध
अब रुश्दी को नाइटहुड दिए जाने के ब्रिटेन के फ़ैसले का विरोध हो रहा है. कश्मीर के अलावा पाकिस्तान और ईरान में भी इसका विरोध हो रहा है.
श्रीनगर में कई दूकानें बंद हैं, स्कूल भी नहीं खुले हैं और कई दफ़्तरों में ताले लटके हुए हैं. हालाँकि यातायात व्यवस्था पर इसका कोई ख़ास असर नहीं पड़ा है.
श्रीनगर से 25 किलोमीटर दूर बडगाम ज़िले में भी बंद का व्यापक असर है. यहाँ भी दूकानें बंद हैं और स्कूल भी नहीं खुले हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आशिक़ बुख़ारी के मुताबिक़ यहाँ यातायात पर भी असर पड़ा है.
अभी तक कहीं से हिंसा की कोई ख़बर नहीं है. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.
गुरुवार को जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फ़्रीडम लीग के 200 समर्थकों ने सलमान रुश्दी का पुतला जलाया और ब्रिटेन विरोधी नारे भी लगाए.