गुरुवार, 21 जून, 2007 को 15:12 GMT तक के समाचार
दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में एक महिला का ऑपरेशन एक नाबालिग लड़के के हाथों होने के मामले की जाँच हो रही है.
ऐसा आरोप लगाया गया है कि एक डॉक्टर दंपति ने गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए अपने किशोर लड़के को एक सीज़ेरियन ऑपरेशन करने की इजाज़त दी.
ख़बरों में कहा गया है कि इस डॉक्टर दंपति के 15 वर्षीय बेटे दिलीपन राज ने गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में सबसे कम उम्र का सर्जन होने के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए ऑपरेशन किया.
अनेक डॉक्टरों का कहना है कि दिलीपन राज के माता पिता ने इस ऑपरेशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी दिखाई यानी दिलीपन राज के इस ऑपरेशन की बाक़ायदा फ़िल्म बनाई.
अब इस परिवार का कहना है कि दिलीपन राज उस ऑपरेशन में सिर्फ़ सहायता कर रहा था.
अगर जाँच में यह बात सही पाई गई कि डॉक्टर दंपति ने गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की कोशिशों के तहत दिलीपन राज को ऑपरेशन करने की इजाज़त दी, तो इस डॉक्टर दंपति की डिग्री भी वापस ली जा सकती हैं.
'अनैतिक क़दम'
भारत में ऐसी कई घटनाएँ होती हैं जिनमें लोग गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की कोशिशों के तहत तरह-तरह के कारनामे करते हैं.
लेकिन चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों का कहना है कि वे इन ख़बरों पर चकित हैं कि इस लालच में 15 साल के किशोर को ऑपरेशन करने की इजाज़त दी गई.
ख़बरों के अनुसार 15 वर्षीय दिलीपन राज ने अपने माता-पिता के नर्सिंग होम में उनकी देखरेख में 20 वर्ष की एक महिला का ऑपरेशन किया जो गर्भवती थी.
ये ऑपरेशन चेन्नई के नज़दीक मनापराई शहर में मथी सर्जिकल एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल नामक नर्सिंग होम में किया गया.
ख़बरों में कहा गया है कि यह डॉक्टर दंपति अपने किशोर बेटे का नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्डिंग में दुनिया के सबसे युवा सर्जन के रूप में दर्ज कराना चाहता थी.
इस ऑपरेशन की वीडियो रिकॉर्डिंग इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) को भी दिखाई गई है और उसने दिलीपन राज की इस सर्जरी के ख़िलाफ़ बयान दिया है.
आईएमए के चेयरमैन डॉक्टर केके अग्रवाल ने इस घटना को घोर अनैतिक और दुखद बताया है. तमिलनाडु में स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस पूरी घटना की जाँच के आदेश दिए हैं.