बुधवार, 20 जून, 2007 को 14:31 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार ने मान लिया है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पिछले हफ़्ते घोषित सीपीएमटी परीक्षा के रिज़ल्ट ग़लत थे.
राज्य के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने इस परीक्षा के नतीजों में हुई गड़बड़ियों को स्वीकार किया और कहा है कि नया परीक्षा परिणाम गुरुवार 21 जून को घोषित किया जाएगा.
राज्य के 1500 सीटों के लिए 84 हज़ार छात्रों ने परीक्षा दी थी. इस बार परीक्षा का संचालन करने की ज़िम्मेदारी पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर को दी गई थी.
विश्वविद्यालय ने 14 जून को परीक्षाफल घोषित किए और इसके तुरंत बाद छात्रों ने आंदोलन शुरु कर दिया था. राजधानी लखनऊ में एक छात्र ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या भी कर ली थी.
छात्रों का कहना था कि जौनपुर और आगरा जैसे शहरों से तो बड़ी संख्या में छात्र पास हुए लेकिन इलाहाबाद, कानपुर, लखनऊ और मेरठ जैसे शहरों के अनेक छात्र असफल घोषित कर दिए गए.
छात्रों के आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने परीक्षाफल पर तत्काल रोक लगाते हुए अधिकारियों और विशेषज्ञों की एक समिति बना दी थी. इस समिति ने तीन दिन की जाँच के बाद बुधवार को अपनी रिपोर्ट दी.
ग़लती
वैसे जाँच शुरु होते ही कुलपति केपी सिंह ने मान लिया था कि परीक्षाफल तैयार करने में कंप्यूटर की वजह से ग़लती हुई थी.
कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने कहा है कि कॉपियाँ जाँचने के लिए चार सेटों में कुंजियाँ बनाई जानी थीं. इन चार में से पहली कुंजी ही सही थी लेकिन बाक़ी तीन कुंजियाँ ग़लत थीं.
इन्हीं ग़लत कुंजियों के आधार पर परीक्षाफल तैयार किया गया और अधिकारियों ने इसकी मैनुअल जाँच भी नहीं की.
उन्होंने कहा है कि परीक्षाफल घोषित होने के बाद जो भी छात्र चाहे इसकी फिर से जाँच करवा सकता है.
कैबिनेट सचिव का कहना था कि यह ग़लती है और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी लेकिन वे पहले ही कह चुके हैं कि यह ग़लती थी लेकिन बदनीयती नहीं थी.