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बुधवार, 20 जून, 2007 को 12:10 GMT तक के समाचार

राष्ट्रपति कलाम को मनाने की कोशिश

राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को इस पद के लिए फिर से उम्मीदवार बनाने के लिए राज़ी करने की कोशिशों के तहत तीसरे मोर्चे के नेता बुधवार को उनसे मुलाक़ात करने वाले हैं.

हालांकि कलाम ने अभी तक ऐसे कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वो 19 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए फिर से उम्मीदवार बनेंगे या नहीं.

कलाम ने दूसरे कार्यकाल की संभावना के बारे में कुछ समय पहले पूछे गए सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया था.

यह पूछे जाने पर कि क्या वो दूसरे कार्यकाल के इच्छुक हैं, उन्होंने कहा था, "मेरे विचार से मुद्दा केवल यही है कि इस पद पर जो भी आए वह हमेशा राष्ट्र के हित को अपने से ऊपर रखे. मेरे लिए राष्ट्र हमेशा मुझसे बड़ा रहा है और मेरे लिए हमेशा ऐसा रहेगा.''

इससे पहले चेन्नई में संयुक्त राष्ट्रीय प्रगतिशील गठबंधन (यूएनपीए) ने कलाम को दूसरा कार्यकाल दिए जाने का समर्थन किया था.

बैठक के बाद अन्नाद्रमुक की प्रमुख जयललिता ने कहा था कि पूरे देश की नज़र में कलाम ही देश के सर्वोच्च पद के लिए सबसे उपयुक्त हैं और मोर्चा भी उन्हें दूसरा कार्यकाल दिए जाने का समर्थन करता है.

उल्लेखनीय है कि अन्नाद्रमुक, तेलुगू देशम, समाजवादी पार्टी, असम गण परिषद, इंडियन नेशनल लोकदल, केरल कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा और एमडीएमके ने हाल में एक नए मोर्चे का गठन किया है.

मनमोहन-कलाम मुलाक़ात

दूसरी ओर राष्ट्रपति चुनाव की गहमागहमी के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से मंगलवार को मुलाक़ात की. दोनों नेताओं के बीच क़रीब 25 मिनट तक बातचीत हुई.

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा की.

इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है कि दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति चुनाव के बारे में बात की या नहीं.

शिव सेना का समर्थन नहीं

दूसरी ओर शिव सेना ने घोषणा की है कि वह राष्ट्रपति चुनाव के लिए एपीजे अब्दुल कलाम को समर्थन नहीं देगी.

शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने कहा है कि पार्टी इस बारे में अपना रुख़ 25 जून को स्पष्ट करेगी.

कलाम की उम्मीदवारी पर ठाकरे ने स्पष्ट किया, ''हम कलाम का समर्थन नहीं करेंगे. वो मेरे दिल में अपनी जगह खो चुके हैं.''

इससे पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संयोजक जॉर्ज फर्नांडिस और भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''शेखावत ने एक बड़ा उदाहरण पेश करते हुए कलाम के नाम पर सहमति के लिए जो क़दम उठाया है, एनडीए उसका समर्थन करता है. लेकिन अगर चुनाव हुआ तो शेखावत ज़रूर लड़ेंगे और जीतेंगे.''

सुषमा स्वराज ने कहा कि सर्वानुमति का मतलब है कि यूपीए उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल कलाम के पक्ष में अपना नाम वापस लें, या तो पूर्ण सर्वानुमति बने या चुनाव हो.