मंगलवार, 19 जून, 2007 को 09:03 GMT तक के समाचार
मोतीलाल वोरा
कांग्रेस कोषाध्यक्ष
मेरा मानना है कि प्रतिभा पाटिल जी का न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश में समय-समय पर काफ़ी योगदान रहा है.
यूपीए और वामदलों ने जब प्रतिभा पाटिल के नाम की सिफ़ारिश की है इसका अर्थ ही यह है कि वे एक सशक्त उम्मीदवार हैं.
वे एक सौम्य, सरल, संसदीय प्रणाली से वाकिफ़ और संवैधानिक दायित्वों को निभाने की क्षमता रखने वाली उम्मीदवार हैं.
जहाँ तक दूसरे उम्मीदवारों का सवाल है तो मुझे कुछ कहने की ज़रुरत नहीं है, उनके बारे में सब लोग जानते हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष ने जो कहा है कि प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना ऐतिहासिक है तो ठीक ही कहा है. पहली बार इस देश में महिला राष्ट्रपति बनने जा रही हैं और यह अपने आपमें गौरव की बात है.
तीसरा मोर्चे की ओर से जो टिप्पणी की गई है कि प्रतिभा पाटिल को उम्मीदवार बनाया जाना देश के साथ मज़ाक है, मेरी राय में यथार्थ से परे टिप्पणी है.
मैं नहीं जानता कि इस तीसरे मोर्चे में कौन नेता हैं लेकिन इस प्रकार की टिप्पणियाँ नहीं की जानी चाहिए.
प्रतिभा पाटिल की उम्मीदवारी की घोषणा यूपीए ने सोच-समझकर की है. इस प्रकार की टिप्पणी तीसरे मोर्चे के नेताओं की मानसिकता का परिचय देती है.
जहाँ तक एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर सहमति बनाने और भैरोंसिंह शेखावत की उनको समर्थन देने की घोषणा का सवाल है तो मेरा एक ही सुझाव है, वक़्त का इंतज़ार कीजिए.
(बीबीसी से हुई बातचीत के आधार पर)