सोमवार, 18 जून, 2007 को 08:13 GMT तक के समाचार
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत को समर्थन देने की घोषणा की है.
हालांकि उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतारने के निर्णय लिया गया है.
इस संदर्भ में सोमवार को एनडीए के घटक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली में हुई जिसमें उनके नाम की घोषणा की गई.
उनके नाम की घोषणा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि भैरोसिंह शेखावत राष्ट्रपति पद के लिए सर्वोत्तम प्रत्याशी हैं.
उन्होंने कहा कि पूरा एनडीए उनके समर्थन में एकसाथ है और सभी दलों ने मिलकर ऐसा निर्णय लिया है कि वो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ही चुनाव लड़े और वही उनके लिए बेहतर होगा.
एनडीए की इस बैठक में शिवसेना के नेता मनोहर जोशी भी मौजूद थे.
शिवसेना का समर्थन?
शिवसेना की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए किस व्यक्ति को समर्थन दिया जा रहा है यह अभी भी स्पष्ट नहीं है.
पत्रकारों को जानकारी देते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने बताया कि मनोहर जोशी अपनी पार्टी के प्रतिनिधि के रूप में इस बैठक में उपस्थित थे.
हालांकि शिवसेना की ओर से राष्ट्रपति पद के नाम की घोषणा 19 जून को शिवसेना स्थापना दिवस के मौके पर की जाएगी.
शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे मंगलवार को यह घोषणा करेंगे के उनकी पार्टी किस प्रत्याशी को समर्थन देगी.
दरअसल, यूपीए की ओर से राजस्थान की वर्तमान राज्यपाल प्रतिभा पाटिल का नाम घोषित किए जाने के बाद शिवसेना ने एक मराठी को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाए जाने की प्रशंसा की थी.
शिवसेना इसी मुद्दे को लेकर असमंजस की स्थिति में है और वो पार्टी की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि राष्ट्रपति पद के लिए वे किसकी दावेदारी का समर्थन करेंगे.
'दोबारा आएं कलाम'
तीसरे मोर्चे के नेताओं की सोमवार को हुई अहम बैठक में वर्तमान राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को ही दोबारा मौक़ा देने का निर्णय लिया गया है.
चेन्नई में हुई इस बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए अन्नाद्रमुक अध्यक्ष जयललिता ने कहा कि तीसरा मोर्चा राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को दोबारा राष्ट्रपति बनाए जाने का पक्षधर है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को राष्ट्रपति पद के लिए राजनीति करने से बचना चाहिए और राष्ट्रपति का नाम आम सहमति के आधार पर तय किया जाना चाहिए.
तीसरा मोर्चा ने राष्ट्रपति कलाम को सबसे उपयुक्त व्यक्ति बताते हुए कहा कि उनका समाज के सभी वर्गों में सम्मान होता है.
हालांकि इस बारे में तीसरे मोर्च के नेताओं की राष्ट्रपति अब्दुल कलाम से कोई बातचीत नहीं हुई है पर तीसरे मोर्चे का कहना है कि वे इस बारे में राष्ट्रपति कलाम में मिलेंगे और उन्हें इसके लिए तैयार करने की कोशिश करेंगे.
उधर इस घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति कलाम को मनाने की कोशिश की थी पर राष्ट्रपति की ओर से आम सहमति की स्थिति में ही चुनाव लड़ने की बात कही गई थी.
उल्लेखनीय है कि अन्नाद्रमुक, तेलुगू देशम, समाजवादी पार्टी, असम गण परिषद, इंडियन नेशनल लोकदल, केरल कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा और एमडीएमके ने हाल में तीसरे मोर्चे का गठन किया है.