सोमवार, 18 जून, 2007 को 12:56 GMT तक के समाचार
अमरीका ने बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति शेख़ मुजीबुर्रहमान की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व सैनिक अधिकारी मोहिउद्दीन अहमद को ढाका भेज दिया है.
ढाका पहुँचते ही उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया और अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया है.
वर्ष 1975 के विद्रोह और फिर राष्ट्रपति मुजीबुर्रहमान की हत्या के मामले में मोहिउद्दीन अहमद को 1998 में ही दोषी ठहराया गया था और मौत की सज़ा सुनाई गई थी. लेकिन उस समय वे अमरीका में थे.
इतने वर्षों बाद अब मोहिउद्दीन अहमद को अमरीका से निष्कासित किया गया है. हालाँकि उन्होंने इसके ख़िलाफ़ कई वर्षों तक अमरीका में क़ानूनी लड़ाई लड़ी.
मोहिउद्दीन अहमद को एक इमिग्रेशन कोर्ट ने अमरीका में रहने के अयोग्य करार दिया था जिसके बाद उन्हें देश से निकाल दिया गया.
यह प्रत्यर्पण का मामला नहीं था बल्कि आप्रवास से जुड़ा मुक़दमा था जिसके तहत उन्हें निष्कासित किया गया.
बांग्लादेश में इस मामले में मोहिउद्दीन समेत 15 लोगों को दोषी ठहराया गया था. इनमें से ज़्यादातर लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई है.
अपील
शेख़ मुजीबुर्रहमान को बांग्लादेश के गठन की लड़ाई का अगुआ माना जाता है. वर्ष 1971 में पाकिस्तान से अलग बांग्लादेश का गठन हुआ और शेख़ मुजीबुर्रहमान राष्ट्रीय हीरो बन गए.
मोहिउद्दीन अहमद सेना में मेजर थे. वर्ष 1996 में वे अमरीका पहुँचे और वहाँ स्थायी रूप से रहने के लिए आवेदन किया. लेकिन वर्ष 2002 में उन्हें अमरीका से वापस बांग्लादेश भेजने का आदेश दिया था.
इस साल की शुरुआत में अपील कोर्ट ने इस आदेश की समीक्षा की उनकी मांग को ठुकरा दिया था. विद्रोह और शेख़ मुजीबुर्रहमान की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए 15 लोगों में से 12 को मौत की सज़ा सुनाई गई है.
लेकिन अभी तक उन्हें ये सज़ा दी नहीं गई है क्योंकि दोषी ठहराए गए लोगों की अपील की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है.