मणिकांत ठाकुर
बीबीसी संवाददाता, पटना
बिहार के भागलपुर ज़िले में 1989 में हुए दंगों के सिलसिले में स्थानीय अदालत ने 14 लोगों को दोषी क़रार दिया है.
अदालत इन लोगों को 27 जून को सज़ा सुनाई जाएगी.
सरकार आँकड़ों के अनुसार भागलपुर ज़िले में हुए सांप्रदायिक दंगों में कुल 1062 लोगों की मौत हुई थी.
हालांकि कुछ संगठनों का कहना है कि मरनेवालों की संख्या कहीं अधिक थी.
भागलपुर के लोगाई गाँव में 27 अक्टूबर, 1989 को हुई दंगे में 116 लोगों को मार कर दफ़ना दिया गया था. बाद में इनके कंकाल बरामद हुए थे.
इस मामले में 24 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था जिसमें से दो लोगों की मौत हो गई थी.
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश शंभूनाथ मिश्र ने इनमें से 14 लोगों को दंगों का दोषी क़रार दिया है.
इनमें जगदीशपुर थाने के तत्कालीन प्रभारी रामचरित्र सिंह भी शामिल हैं.
भागलपुर दंगे 24 अक्तूबर, 1989 को राम शिलापूजन के एक जलूस पर हुए कथित हमले के बाद भड़के थे.
भागलपुर में दंगों की शुरुआत ततारपुर में एक जलूस पर हमले के बाद शुरु हुई थी.
इन दंगों के बाद पुलिस ने कुल 866 नामजद मामले दर्ज किए थे और अब तक 43 मामलों में 274 लोगों को दोषी पाया गया है और सज़ा सुनाई गई है.