http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 15 जून, 2007 को 22:25 GMT तक के समाचार

मोहनलाल शर्मा
दिल्ली से

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल

हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण के मुताबिक भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता गिरी है और लगभग 10 फ़ीसदी कॉलेजों में ही अच्छी शिक्षा मिल रही है.

बंगलौर के नेशनल असेसमेंट काउंसिल ने एक सर्वेक्षण किया है जिसके मुताबिक 90 फ़ीसदी कॉलेजों और 68 फ़ीसदी विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता या तो मध्यम दर्जे की है या ख़राब.

अगर ये आँकड़े सही हैं तो बौद्धिक संपदा के लिए दुनिया भर में अपनी छाप छोड़ने वाला भारत क्या भविष्य में भी अपनी गुणवत्ता कायम रख सकेगा.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष सुखदेव थोराट कहते हैं, "यह सच है कि सभी संस्थानों का स्तर एक जैसा नहीं है पर यूजीसी के सभी संस्थानों को न्यूनतम मानदंडो का पालन करना पड़ता है."

प्रधानमंत्री भी शिक्षा की गुणवत्ता से चिंतित नज़र आते हैं. इस गिरावट के लिए हाल के दिनों में भारी तादाद में उभर आए शिक्षण संस्थानों की ओर नज़र जाती है.

राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष पीएम भार्गव भी मानते हैं कि सभी संस्थानों में एक जैसी शिक्षा नहीं मिल रही है.

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे संस्थानों को छोड़ दें तो देश में ऐसे तमाम संस्थानों की कमी नहीं है जहाँ बुनियादी ढाँचे से लेकर शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में संदेह है और इनका स्तर सुधारने की ज़रूरत है.