शुक्रवार, 15 जून, 2007 को 12:34 GMT तक के समाचार
केंद्र सरकार ने दिल्ली में अवैध निर्माणों के ख़िलाफ़ किसी कठोर कार्रवाई पर अगले एक वर्ष के लिए रोक संबंधी अध्यादेश को मंज़ूरी दे दी है.
केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को इस बारे में एक अध्यादेश जारी किए जाने को मंज़ूरी दे दी है.
अध्यादेश में कहा गया है कि अगले एक वर्ष तक दिल्ली में अवैध निर्माणों के ख़िलाफ़ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी.
इससे दिल्ली में अवैध निर्माणों में रह रही एक बड़ी आबादी को कुछ समय के लिए राहत मिली है.
इस अध्यादेश के तहत दिल्ली की पुनर्वास बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ियों, पटरी दुकानदारों और फेरी लगाने वालों के साथ ही उन फॉर्म हाउसों को भी राहत मिली है जिन्होंने निर्धारित सीमाओं से ज़्यादा निर्माण कर रखा है.
इस बारे में संसद के आगामी सत्र में एक बिल भी पेश किया जाएगा जो कि इस अध्यादेश की जगह प्रभावी होगा.
अवैध निर्माणों से संबंधित इस अध्यादेश में स्कूलों, चिकित्सालयों, धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थानों को भी राहत दी गई है.
इसके अतिरिक्त प्रत्यर्पण क़ानून, 1962 और फ़िज़िकल प्रोटेक्शन ऑफ़ न्यूक्लियर मटेरियल, 1980 यानी परमाणु ईधन के संरक्षण से संबंधित क़ानून में संशोधनों के लिए भी एक अध्यादेश को मंज़ूरी दी गई है.