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गुरुवार, 14 जून, 2007 को 21:18 GMT तक के समाचार

प्रतिभा पाटिल को समर्थन नहीं:वाजपेयी

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल को समर्थन दिए जाने के सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अनुरोध को भाजपा नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ठुकरा दिया है.

अटल बिहारी वाजपेयी का कहना था कि यूपीए ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से बिना सलाह मशविरे के अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. इस वजह से वो यूपीए के उम्मीदवार का समर्थन करने में असमर्थ हैं.

भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सोनिया गांधी ने कहा कि वो पहली बार उनसे समर्थन माँग रहीं हैं.

इस पर वाजपेयी का उत्तर था, '' आपने हमारी राय के बिना अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. हमारा भी उम्मीदवार है इसलिए हम आपके उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर सकते.''

दूसरी ओर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने घोषणा की कि यूपीए उम्मीदवार को समर्थन देने का कोई सवाल ही नहीं उठता है क्योंकि एनडीए की ओर से भी उम्मीदवार होगा.

ग़ौरतलब है कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को यूपीए और वामपंथी दलों के राष्ट्रपति पद के साझा उम्मीदवार के रूप में प्रतिभा पाटिल के नाम की घोषणा की थी.

भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस घोषणा से प्रतिभा पाटिल की प्रतिष्ठा तो नहीं बढ़ेगी लेकिन यह शिवराज पाटिल, प्रणव मुखर्जी और कर्ण सिंह का अपमान है.

'सम्मान बढ़ा'

दूसरी ओर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में सामने आईं राजस्थान की राज्यपाल प्रतिभा पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस सर्वोच्च पद के बारे में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था.

उनका कहना था वो उम्मीदवार चुने जाने से सम्मानित महसूस कर रहीं हैं. इसके लिए उन्होंने सोनिया गांधी और यूपीए के घटक दलों का आभार व्यक्त किया.

उनका कहना था कि एक महिला के राष्ट्रपति पद तक पहुँचने से एक अच्छा संदेश जाएगा कि भारत महिलाओं का सम्मान करता है.

उल्लेखनीय है कि प्रतिभा पाटिल नवंबर, 2004 से राजस्थान की राज्यपाल हैं.

वे राजस्थान का राज्यपाल बनने वाली पहली महिला तो हैं ही, साथ ही वे इस समय देश की एकमात्र महिला गवर्नर हैं.