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बुधवार, 13 जून, 2007 को 22:46 GMT तक के समाचार

संजय दत्त के लिए फ़ैसले की घड़ी

मुंबई की विशेष टाडा अदालत गुरुवार को 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त को सज़ा सुना सकती है.

विशेष टाडा अदालत ने उन्हें बम धमाके करने वालों से हथियार ख़रीदने का दोषी क़रार दिया है.

अदालत ने संजय दत्त को बम धमाकों की साज़िश रचने के इल्ज़ाम से तो बरी कर दिया था लेकिन एक राइफ़ल और पिस्तौल ग़ैरक़ानूनी रूप से अपने पास रखने का दोषी पाया है.

इस अपराध में अधिकतम दस साल की जेल की सज़ा हो सकती है.

ग़ौरतलब है कि मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे.

संजय दत्त 1995 से ही ज़मानत पर हैं. बम धमाकों की आरंभिक जाँच के सिलसिले में वो 18 महीने जेल में काट चुके हैं.

संजय दत्त उन 100 अभियुक्तों में से एक हैं जिन्हें बम धमाकों के सिलसिले में दोषी पाया गया है.

संजय तैयार

सज़ा सुनाए जाने से पहले संजय दत्त ने कहा है कि वो किसी भी तरह की स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं.

एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में संजय दत्त ने कहा,'' मैं पिछले 15 वर्षों से अदालत के समक्ष पेश होता आ रहा हूँ. अदालत ने किसी भी व्यक्ति के प्रति कोई पक्षपात नहीं किया है, वो हमेशा निष्पक्ष रही है.''

उनका कहना था,'' जब न्यायाधीश ने यह घोषणा की थी कि मैं चरमपंथी नहीं हूँ, तो मैं रोना चाहता था. मैं लगभग रो चुका था. यह दत्त परिवार पर से बोझ उतरने जैसा था.''

संजय दत्त का कहना था कि क़ैद में काटे गए दिन उनके लिए काफ़ी मुश्किल थे.