http://www.bbcchindi.com

बुधवार, 13 जून, 2007 को 12:36 GMT तक के समाचार

मायावती, मिश्र के ख़िलाफ़ याचिका ख़ारिज

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के ख़िलाफ़ उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है जिसमें उनके राज्यसभा की सदस्य बने रहते हुए मुख्यमंत्री बनने को चुनौती दी गई थी.

उत्तर प्रदेश के एक वकील अशोक पांडे ने याचिक दायर की थी कि सांसद होते हुए मायावती और उनके सहयोगी सतीष चंद्र मिश्र उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल में शामिल होना ग़ैरक़ानूनी था.

सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश अरिजित पसायत और न्यायधीश पीपी नाओलेकर की खंडपीठ ने बुधवार को फ़ैसला सुनाया कि याचिक में कोई दम नहीं है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ऐसे ही मामलों में पहले ही फ़ैसला सुना चुका है.

मायावती ने फ़ैसले का स्वागत किया है.

उन्होंने पत्रकारों को बताया, "सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्वार्थों वाले लोगों की उन कोशिशों को नाकाम कर दिया है जिनके तहत वे उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को झटका देना चाहते थे."

मायावती के मंत्रिमंडल के सदस्य सतीष मित्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत आदेश दिया है और सरकार के वैधता के बारे में किसी भी तरह के संदेह को दूर कर दिया है.

ग़ौरतलब है कि नियम के मुताबिक मायावती और सतीश मिश्र, दोनों को ही शपथ ग्रहण करने के छह महीने के भीतर ही राज्य विधायिका का सदस्य बनना होगा.

इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के मामले में भी ऐसी ही स्थिति पैदा हो गई थी. देवेगौड़ा कर्नाटक की राज्य विधानसभा के सदस्य थे और सदस्य रहते हुए ही उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली थी.

इस मामले में भी एक याचिका दायर की गई थी जिस पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसा होने में कुछ ग़लत नहीं है.