बुधवार, 13 जून, 2007 को 14:03 GMT तक के समाचार
भारत की घरेलू विमान सेवा 'इंडियन' के 12 हज़ार से ज़्यादा कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से उड़ानें बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं.
हड़ताल के कारण दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बैंगलोर और कोलकाता में घरेलू उड़ानों पर असर पड़ा है.
हालांकि निजी विमान सेवा समय से चल रही हैं लेकिन उड़ान भरने वालों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं.
इंडियन का कहना है कि कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और ज़्यादातर देरी से चल रही हैं.
हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारी 'ग्राउंड-स्टाफ़' हैं और इनके न होने से चेक-इन से लेकर बैगेज संभालने वालों तक कोई भी काम पर नहीं है.
ये कर्मचारी अपने लिए बेहतर वेतन और तरक्की की बेहतर नीति की माँग कर रहे हैं. उनका मानना है कि यदि सरकार को 'इंडियन' और 'एयर इंडिया' का विलय करना है तो दोनों सेवाओं के कर्मचारियों को समान सुविधाएँ देनी होंगी.
हड़ताल मंगलवार रात को शुरु हुई जब प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बातचीत विफल हो गई.
अफ़रा-तफ़री
अधिकारियों ने कहा है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं लेकिन देश भर के विमानतलों पर अव्यवस्था और अफ़रा-तफ़री का माहौल है.
यात्रियों का कहना है कि इस बारे में बहुत कम जानकारी दी जा रही है कि सेवाएँ सामान्य कब होंगी.
निलेश वर्कखेड़ेकर की पत्नी इंडियन एयरलाइंस की उड़ान भरने वाली थीं. उन्होंने बीबीसी को बताया, "हमने सिर्फ़ सुबह अख़बारों में देखा था कि उड़ानें रद्द कर दी गई हैं या विलंब है. मेरी पत्नी नागपुर में थीं. हम हवाईअड्डे पर आएँ हैं ताकि कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके. इंडियन एयरलाइंस ने तो सूची भी नहीं लगाई कि कौन सी उड़ानें रद्द हुई हैं."
रॉयटर्स के मुताबिक दोपहर तक केवल 40 विमान उड़ान भर पाए जबकि 12 उड़ानें रद्द कर दी गईं.
एयरलाइन की वेबसाइट पर इस बारे में कोई सलाह नहीं दी गई है कि उड़ान भरने वाले यात्री क्या करें.
सरकार ने 23 हड़ताली कर्मचारियों को निलंबित किया है और चेतावनी दी है कि जो लोग काम पर नहीं लौटेंगे उनके ख़िलाफ़ क़दम उठाए जाएँगे.
केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए एक दिन का समय दिया है.
इंडियन के प्रवक्ता ने कहा है कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए दूसरे जगहों से लाकर कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं.