सोमवार, 11 जून, 2007 को 18:43 GMT तक के समाचार
भारत में राष्ट्रपति पद की दौड़ तेज़ हो गई है.
इस संबंध में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की नेता सोनिया गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती से मुलाक़ात की.
सोनिया गांधी से मुलाक़ात के बाद मायावती ने कहा कि वो बुधवार को राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर अपनी पार्टी के रुख़ को स्पष्ट कर देंगी.
सोनिया गांधी ने विदेश यात्रा से लौटने के तुरंत बाद पार्टी नेताओं से भी बातचीत की.
कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है लेकिन गृहमंत्री शिवराज पाटिल का नाम सबसे आगे चल रहा है.
लेकिन ऐसी ख़बरें हैं कि शिवराज पाटील के नाम पर यूपीए के कुछ घटक दलों ने आपत्ति जताई है.
कांग्रेस के प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस राष्ट्रपति के चुनाव के मुद्दे पर सभी दलों से बातचीत के लिए तैयार है.
हालांकि कांग्रेस ने अब तक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सर्वसम्मति से राष्ट्रपति के चयन की बात पर कोई उत्साह नहीं दिखाया है.
फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं हैं कि राष्ट्रपति का चुनाव सर्वसम्मति से हो सकेगा.
वामपंथी दलों की बैठक
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर मंगलवार को वामपंथी दलों की बैठक है. एक वक्त वामपंथी दलों ने विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी का नाम पेश किया था.
बुधवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी से मुलाक़ात करनेवाले हैं.
दूसरी ओर मौजूदा उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत भी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हो सकते हैं.
कहा जा रहा है कि वो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बजाए स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं.
वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा का कहना है कि कांग्रेस नेताओं को ऐसी रणनीति तैयार करनी होगी जिससे यूपीए के घटक दलों में किसी उम्मीदवार पर सहमति बन सके.
उनका कहना था कि यूपीए के उम्मीदवार की सफलता के लिए मायावती का समर्थन बेहद ज़रूरी होगा.
ग़ौरतलब है कि यूपीए और वाम दलों के पास 5.2 लाख मत हैं जबकि एनडीए के पास 3.5 लाख और अन्य क्षेत्रीय दलों के पास 1.2 लाख मत हैं.
मौजूदा राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का कार्यकाल 24 जुलाई को पूरा हो रहा है.