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बुधवार, 06 जून, 2007 को 20:38 GMT तक के समाचार

गूजर नेताओं पर हत्या के मामले

अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की माँग को लेकर गूजरों के आंदोलन के दौरान हुई तोड़फोड़ के लिए सुप्रीम कोर्ट की नाराज़गी के बाद गूजर नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई दिखती हैं.

बुधवार को गूजरों के नेता किरोड़ी सिंह बैंसला सहित कई अन्य नेताओं के ख़िलाफ़ हत्या सहित कई गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं.

अधिकारियों का कहना है कि ये मामले हत्या के अलावा षडयंत्र और राष्ट्रीय संपत्ति को नष्ट करने के हैं.

उनका कहना है कि किरोड़ी सिंह बैंसला सहित आरक्षण संघर्ष समिति, करौली के नौ अन्य पदाधिकारियों के ख़िलाफ़ ये मामले दर्ज किए गए हैं.

गूजरों के नेता बैंसला के साथ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के साथ हुई बातचीत के बाद दो दिन पहले गूजरों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया था.

लेकिन इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने गूजर आंदोलनकारियों के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली बंद के दौरान हुई हिंसा पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और इसे ''राष्ट्रीय शर्म'' करार दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों से भी इस पूरे मामले की रिपोर्ट देने को कहा था.

हत्या का मामला

भरतपुर रेंज के आईजी हेमंत पुरोहित ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक बैंसला और एक दूसरे नेता रूप सिंह के ख़िलाफ़ हत्या और षडयंत्र का मामला दर्ज किया गया है.

इन पर 29 मई को रास्ता रोकों आंदोलन के दौरान हुई झड़प में राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल दुर्गाराम की मौत के लिए ज़िम्मेदार होने का आरोप है.

आईजी पुरोहित का कहना है कि इसके अलावा हज़ारों अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ चार ज़िलों में मामले दर्ज किए गए हैं. इन लोगों पर तोड़फोड़ और राष्ट्रीय संपति को क्षति पहुँचाने का आरोप है.

उधर करौली के पुलिस अधीक्षक प्रफ़ुल्ल कुमार ने पीटीआई को बताया है कि मामले की जाँच की जा रही है और यदि दोषी पाया गया तो बैंसला और दूसरे गूजर नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.