सोमवार, 04 जून, 2007 को 14:42 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ गूजर नेताओं की बातचीत के बाद गूजर नेताओं ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की है.
मुख्यमंत्री और गूजर नेताओं के बीच बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने एक आयोग गठन करने का फ़ैसला किया है जो गूजरों के आरक्षण की मांग के बारे में एक रिपोर्ट केंद्र सरकार को देगी.
इस समिति की अध्यक्षता हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश करेंगे जो केंद्र सरकार के मानदंडों के आधार पर गूजर समुदाय को आरक्षण दिए जाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेगी.
यह समिति तीन महीनों में अपनी रिपोर्ट देगी.
गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ बातचीत के बाद प्रेस कांफ्रेस में कहा कि वो आंदोलन वापस ले रहे हैं क्योंकि उनकी मांगो पर सकारात्मक प्रगति हुई है.
उनका कहना था, "बड़े ही सौहार्दपूर्ण माहौल में हम अपना आंदोलन समाप्त करते हैं और हम जो चाहते थे वैसा नतीजा हमें मिल गया है. हम मुख्यंत्री के अत्यंत आभारी हैं. साथ ही जो असुविधा देशवासियों को हमारे आंदोलन से हुई है उसके लिए मैं क्षमा माँगता हूँ."
जबकि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने बैठक के बाद कहा, "विस्तृत चर्चा के दौरान आम सहमति बनी कि भारत सरकार की प्रकिया को ध्यान में रखते हुए सरकार प्रशासनकि और वैधानिक कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी. इस क्रम में निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति का गठन करेगी."
कई दिन चला आंदोलन
पिछले छह दिनों से राजस्थान में गूजर समुदाय ने अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग लेकर आंदोलन कर रहे थे.
राजस्थान में गूजरों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में रखा गया है लेकिन वे अनुसूचित जनजाति के तहत मिलने वाली आरक्षण सुविधा की मांग कर रहे हैं.
दूसरी ओर राजस्थान का मीणा समुदाय इसका विरोध कर रहा है. इस पर दोनों समुदायों के बीच हिंसक झड़पें हुईं थीं.
इससे पहले गूजर संगठनों के सोमवार को दिल्ली में भी बंद का आह्वान किया था जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ.
हालांकि दिल्ली और इसकी सीमाओं पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे.
लेकिन आंदोलनकारियों ने दिल्ली की उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लगनेवाली सीमा पर कई जगह जाम लगा दिया है जिससे यातायात बाधित हुआ.
कांग्रेस के दो गूजर सांसदों सचिन पायलट और अवतार सिंह भडाना के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भी रविवार को भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मिला था.
इन लोगों ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से राजस्थान के मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की माँग की.
ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों इस मांग ने हिंसक रूप ले लिया था और अभी तक हिंसा में 23 लोगों की मौत हो चुकी है.