शुक्रवार, 01 जून, 2007 को 10:12 GMT तक के समाचार
वर्ष 1993 के मुंबई बम धमाके की जाँच कर रही विशेष टाडा अदालत ने बॉलीवुड निर्माता समीर हिंगोरा को नौ साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है.
समीर हिंगोरा ने संजय दत्त को एके-56 राइफ़ल दी थी. समीर हिंगोरा के अलावा टाडा अदालत ने गुरुवार को चार और लोगों को भी सज़ा सुनाई है.
नियाज़ अहमद शेख़ को अदालत ने आजीवन क़ैद की सज़ा सुनाई है. साथ में 50 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया है.
नियाज़ पर आरोप था कि उन्होंने पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली और धमाके से पहले बीएमसी इमारत का भी दौरा किया.
विशेष जज पीजे कोडे ने पाया कि शेख़ बम धमाके की साज़िश में शामिल थे लेकिन वे आतंकवादी कार्रवाई में शामिल नहीं थे.
सज़ा
समीर हिंगोरा ने अनीस इब्राहिम के कहने पर संजय दत्त को एके-56 राइफ़ल सौंपी थी. अनीस इब्राहिम इस मामले के मुख्य अभियुक्त दाउद इब्राहिम के भाई हैं.
समीर हिंगोरा को नौ साल के कठोर कारावास के अलावा दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. समीर हिंगोरा ने दिल ही तो है और सनम जैसी फ़िल्में बनाई थी.
संजय दत्त के मामले पर अभी अदालत का फ़ैसला नहीं आया है. फ़र्जी पासपोर्ट पर दुबई जाने वाले शाहरुख़ मोटरवाला को 13 साल के कठोर क़ैद की सज़ा दी गई है.
शाहरुख़ पर ये भी आरोप था कि उन्होंने बम धमाके की साज़िश में हिस्सा लिया. क़ैद की सज़ा के अलावा 50 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.
बम धमाके के मामले में एक और प्रमुख अभियुक्त टाइगर मेमन के सहयोगी ग़ुलाम हाफ़िज़ शेख़ को आठ साल क़ैद की सज़ा दी गई है. इस मामले में टाइगर मेमन फ़रार हैं. हाफ़िज़ शेख़ पर आरोप था कि उन्होंने मुंबई में हथियार लाने में मदद की और इस काम में ख़ुद शामिल भी थे.