वर्ष 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की सुनवाई कर रही मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने बुधवार को षडयंत्रकारी दाऊद फ़ांसे समेत आठ दोषियों को पाँच वर्ष से लेकर उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है.
लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने संवाददाताओं को बताया कि विशेष न्यायाधीष पीडी कोडे ने 83 वर्षीय दाऊद फांसे को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई.
इसके अलावा उन्हें दो लाख़ रुपए का ज़ुर्माना भी देने को कहा गया है.
जज कोडे ने कहा कि फांसे की उम्र को देखते हुए उन्हें सज़ा-ए-मौत नहीं दी गई है.
फ़ासे को माफ़िया सरगना और विस्फोटों को मुख्य षडयंत्रकारी दाऊद इब्राहिम के साथ दुबई में बैठक कर सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश रचने का दोषी पाया गया था.
दोषियों को सज़ा
अदालत ने मुज़्ज़मिल उमर कादरी को शेखाडी और रायगड में विस्फोटक और हथियार उतारने में हिस्सा लेने और अवैध रूप से 13 एके-56 रायफ़लें रखने का दोषी पाते हुए उन्हें उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई. साथ ही उन्हें सवा लाख़ रुपए बतौर जुर्माना भी अदा करना होगा.
ख़लील नासिर को शेखाडी में हथियार उतारने में उनकी भूमिका के लिए अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास से दंडित किया. साथ ही उन पर सवा लाख़ रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया है.
कोर्ट ने मोहम्मद दाऊद ख़ान को तीन अवैध एके-56 रखने का दोषी पाते हुए उन्हें छह साल की सज़ा सुनाई है. इसके अलावा उन पर 50 हज़ार रुपए का ज़ुर्माना भी किया गया.
मोहम्मद यूसुफ़ बोतोमिया को अवैध एके-56 रखने का दोषी पाया गया. उन्हें छह साल के कठोर कारावास की सज़ा दी गई और 50 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया.
अज़ीज़ शेख़ को अवैध हथियार रखने का दोषी पाते हुए कोर्ट ने उन्हें पाँच साल की क़ैद की सज़ा सुनाई गई और 25 हज़ार रुपए का जुर्माना भी किया.
कोर्ट ने सलीम दुर्रानी को एक अवैध एके-56 रखने का दोषी पाते हुए उन्हें पाँच वर्ष के कारावास की सज़ा सुनाई. साथ ही 25 हज़ार रुपए का जुर्माना भी किया.
लियाकत ख़ान को शेखाडी में हथियार उतारने में उनकी भूमिका और विस्फोटक अपने पिता के गोदाम में रखने का दोषी पाते हुए पाँच साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई गई. साथ ही 35 हज़ार रुपए का जुर्माना भी किया गया.
मुंबई विस्फोट
1993 में मुंबई में एक के बाद एक 12 बम धमाके हुए थे, जिनमें 257 लोग मारे गए थे.
इन धमाकों में 700 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए थे. अदालत ने इस मामले में कुल 100 अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया है जबकि 23 लोगों को बरी कर दिया गया.
इन्हीं अभियुक्तों में बॉलीवुड स्टार संजय दत्त भी शामिल हैं. टाडा अदालत ने उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत तो दोषी ठहराया लेकिन आतंकवाद के आरोपों से बरी कर दिया है.