सोमवार, 28 मई, 2007 को 10:30 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में अदालत ने समान लिंग होने के बारे में झूठ बोलने के आरोप में एक दंपत्ति को तीन साल जेल की सज़ा सुनाई है. इन दोनों की शादी हो चुकी है.
अदालत का कहना है कि शुमैल राज और शाहज़ीना तारिक़ ने पति के लिंग के बारे में झूठ बोला जो असल में स्त्री है.
अदालत ने उन्हें झूठ बोलने के लिए दोषी पाया है. पिछले हफ़्ते कोर्ट ने कहा था कि समलैंगिक शादी इस्लाम में अपराध है.
फ़ैसले के बाद दंपत्ति ने कहा है कि वे इसके खिलाफ़ अपील करेंगे. उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मदद की गुहार की है.
माना जा रहा है कि पाकिस्तान में ये अपनी तरह का पहला मामला है.
विवाद
31 वर्षीय शुमैल राज ने स्त्री से पुरुष बनने के लिए ऑपरेशन करवाया था और उसके बाद अपनी रिश्तेदार से शादी की.
शाहज़ीना तारिक़ को शुमैल के ऑपरेशन के बारे में जानकारी थी. शाहज़ीना का कहना है कि किसी और से ज़बरदस्ती ब्याह दिए जाने से बचने के लिए उसने शुमैल से शादी की.
शुमैल राज ने लिंग परिवर्तन के लिए पिछले 16 सालों में दो बार सर्जरी करवाई.
लेकिन अदालत के कहने पर जिन डॉक्टरों ने शुमैल की जाँच की है, उनका कहना है कि वो अभी भी स्त्री है और शुमैल का भी कहना है कि और इलाज के लिए उसे विदेश जाना पड़ेगा.
जज खवाजा महोम्मद शरीफ़ ने कहा कि दंपत्ति ने माफ़ी माँग ली है लेकिन वो कम सज़ा दे रहे हैं.
रॉयटर्स के मुताबिक जज ने कहा, "ये साबित करने के लिए पर्याप्त सुबूत हैं कि शुमैल स्त्री है. "
शाहज़ीना तारिक़ के पिता चाहते हैं कि शादी इस बिनाह पर रद्द कर दी जाए कि इस्लाम में दो लड़कियों को शादी करने की इजाज़त नहीं है.
शाहज़ीना का कहना है कि वे समलैंगिक नहीं है और उन्होंने शादी इसलिए की क्योंकि वे एक दूसरे से प्यार करते हैं.
दोनों को करीब 15 दिन पहले गिरफ़्तार किया गया था जब शाहज़ीना के परिवार ने दूल्हे के लिंग को लेकर शिकायत की थी.