शनिवार, 26 मई, 2007 को 09:22 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, राजस्थान
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जोधपुर से छपे एक कैलेंडर में 'देवी वसुंधरा' के रूप में दिखाए जाने का विवाद फिलहाल थमता नज़र नहीं आ रहा है.
वरिष्ठ भाजपा नेता जसवंत सिंह की पत्नी शीतल कंवर ने अब इस कैलेंडर के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री को एक देवी के रूप में पेश करने की शिकायत जोधपुर पुलिस के पास दर्ज करवाई है.
उनका कहना है कि वसुंधरा राजे का इस तरह देवी रूप में दिखाया जाना किसी भी तरह से ठीक नहीं है और इससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँच सकती है.
भाजपा नेता की पत्नी की ओर से इस विवाद पर शिकायत ऐसे समय में दर्ज की गई है जब अगले ही महीने भारतीय जनता पार्टी अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक राज्य की राजधानी जयपुर में आयोजित करने वाली है.
ग़ौरतलब है कि राजस्थान के जोधपुर ज़िले से पिछले महीने एक कैलेंडर प्रकाशित हुआ था जिसमें राज्य की मुख्यमंत्री को देवी अन्नपूर्णा वसुंधरा के रूप में दिखाया गया था. उनको कैलेंडर में उसी तरह से दिखाया गया है जिस तरह से हिंदू देवियों को दिखाने की परंपरा रही है.
विवाद
शीतल कंवर के परिवारजनों ने बीबीसी को बताया कि इस बाबत एक शिकायत पत्र पुलिस को दिया गया है.
इस बारे में और जानकारी देते हुए जोधपुर के पुलिस अधीक्षक हवा सिंह घुमरिया ने बीबीसी को बताया, "हमने परिवाद के रूप में एक शिकायत दर्ज कर ली है. इस मामले में कलेंडर छापने वाले के ख़िलाफ़ धारा 295, 298 और 120बी के अंतर्गत शिकायत दर्ज हुई है."
उन्होंने बताया कि मामले की जाँच का काम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा को सौंप दिया गया है.
पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों ने इस बात को लेकर चर्चा ग़रम है कि जसवंत सिंह परिवार और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच संबंध अच्छे नहीं चल रहे.
प्रतिक्रिया
हालांकि जसवंत सिंह के पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक यह शुद्ध रूप से धार्मिक भावनाओं को चोट पहुँचने पर दर्ज शिकायत है लेकिन कुछ जानकारों का कहना है कि ऐसा करने के पीछे राजनीतिक कारण भी हो सकते हैं.
यह कलेंडर 15 अप्रैल को जारी किया गया था. इस कैलेंडर के सामने आने पर विपक्षी दल कांग्रेस और कुछ अन्य संगठनों की ओर से इसका विरोध किया गया था.
भाजपा में भी कुछ लोग मुख्यमंत्री के देवी रूप में दिखाए जाने से असहमत हैं.
उधर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "भारतीय जनता पार्टी व्यक्ति पूजा में कोई विश्वास नहीं रखती है."
राज्य के भाजपा प्रमुख महेश जोशी ने भी कहा कि पार्टी की ओर से कभी भी न तो व्यक्ति पूजा की बात कही गई है और न ही इसे बढ़ावा दिया गया है.