शनिवार, 26 मई, 2007 को 03:50 GMT तक के समाचार
मणिकांत ठाकुर
बीबीसी संवाददाता, पटना
बिहार में शहरी निकायों के चुनाव छिटपुट हिंसा के बीच संपन्न हो गए.
सभी 37 ज़िलों में 50 से 55 फ़ीसदी के बीच मतदान हुआ.
इस बार के इन निकाय चुनावों की ख़ास बात यह है कि चुनाव में 50 प्रतिशत उम्मीदवारी महिलाओं के लिए आरक्षित है. बिहार निकाय और पंचायत चुनावों में महिलाओं को इतना आरक्षण देने वाला पहला राज्य है.
राज्य के छह नगर निगमों, 42 नगर परिषदों और 70 नगर पंचायतों के लिए शनिवार को मतदान हुआ. सभी केंद्रों पर निकाय चुनावों के लिए इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का प्रयोग भी पहली बार हुआ.
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव रघुवंश सिन्हा ने बताया कि चुनाव के दौरान गड़बड़ी फ़ैलाने के आरोप में एक हज़ार से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया जिनमें एक विधायक भी शामिल हैं.
पटना नगर निगम के लिए मतदान 29 मई को होगा. हालांकि नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव शनिवार को ही संपन्न हुए.
पाँच साल बाद हो रहे इन चुनावों में 17, 511 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इन लोगों का फ़ैसला लगभग 50 लाख शहरी क्षेत्र के मतदाताओं के हाथ में है.
सुरक्षा
मतदान के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 21 कंट्रोल रूम बनाए गए थे. साथ ही राज्य की नेपाल से लगी सीमा को सुरक्षाबलों की मदद से सील कर दिया गया.
प्रशासन ने आदेश जारी कर दिया था कि अगर कोई भी मतदान बूथ लूटने की कोशिश करे तो उसे तुरंत गोली मार दी जाए.
राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि अगर किसी केंद्र पर 65 प्रतिशत से ज़्यादा मतदान हुआ है तो वहाँ के मतदान की समीक्षा भी की जाएगी कि क्या मतदान सही तरीके से हुआ है या इसे प्रभावित किया गया है.
हालांकि ये चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहे हैं पर परोक्ष रूप से कई उम्मीदवारों को राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है.